चंपई सोरेन के पोते का निधन, हेमंत सोरेन एवं सुखविंदर सिंह सुक्खू ने जताया शोक
चंपई सोरेन के पोते का निधन, हेमंत सोरेन एवं सुखविंदर सिंह सुक्खू ने जताया शोक
शिमला/रांची, 25 फरवरी (भाषा) झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के पोते वीर सोरेन को मंगलवार को ऊंचाई वाले इलाकों की यात्रा से लौटने के बाद तेज सिरदर्द हुआ और वह बेहोश हो गया और उसके बाद मनाली में उसकी मौत हो गई।
वीर सोरेन (19) अपने दोस्तों के साथ सोलंग और हामटा दर्रा घूमने के बाद हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के मनाली पहुंचा था।
उसके दोस्तों ने पुलिस को दिए गए बयान में कहा कि ऊंचाई वाले इलाकों से लौटने के बाद वीर ने अचानक तेज सिरदर्द की शिकायत की जिसके बाद उसे दवा दी गई लेकिन वह बेहोश हो गया और बिस्तर से गिर गया।
जब वीर सोरेन को अस्पताल ले जाया जा रहा था जब कथित तौर पर उनके मुंह से झाग निकला था।
मनाली के पुलिस उपाधीक्षक डी शर्मा ने बुधवार को ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि प्रथम दृष्टया शव पर कोई बाहरी चोट के निशान नहीं पाए गए। शव को वीर के दादा को सौंप दिया गया है। परिवार के सदस्यों ने कहा कि उन्हें किसी भी तरह की गड़बड़ी का संदेह नहीं है और उन्होंने पोस्टमार्टम से इनकार कर दिया।
शर्मा ने कहा कि मौत का कारण अभी तक पता नहीं चला है लेकिन अधिक ऊंचाई की बीमारी (हाइपोक्सिमिया) की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है।
पुलिस ने बताया कि इससे पहले मनाली के सिविल अस्पताल से सूचना मिली थी कि एक युवक को मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया था और चिकित्सकों ने उसे कार्डियोपल्मोनरी उपचार दिया लेकिन उन्हें कोई सफलता नहीं मिली।
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी के नेता चंपई सोरेन के पोते के निधन पर शोक जताया।
सोरेन ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘चंपई सोरेन के पोते वीर सोरेन का कुल्लू में आकस्मिक निधन का अत्यंत मर्माहत करने वाला समाचार मिला। मरांग बुरु दिवगंत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिजनों को संबल दें। दुख की घड़ी में हम उनके साथ हैं।’
हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भी वीर सोरेन के निधन पर शोक व्यक्त किया और परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की
इससे पहले चंपई सोरेन ने ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा, ‘‘अत्यंत दुःख के साथ सूचित करते हैं कि हमारे प्रिय पोते वीर सोरेन का 24 फरवरी 2026 को असामयिक निधन हो गया है। हिमाचल प्रदेश के मनाली में अचानक तबियत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। वीर के जाने से हमारा परिवार बिखर गया।’’
भाषा शोभना माधव
माधव

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