चंद्रनाथ के हत्यारों के राज्य से भागने की आशंका, बंगाल के सीमावर्ती जिलों में निगरानी बढ़ाई गई
चंद्रनाथ के हत्यारों के राज्य से भागने की आशंका, बंगाल के सीमावर्ती जिलों में निगरानी बढ़ाई गई
कोलकाता, आठ मई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी की हत्या में पड़ोसी राज्यों के पेशेवर शूटर की संलिप्तता का संदेह होने के मद्देनजर पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती जिलों के पुलिस थानों ने निगरानी और तलाशी अभियान तेज कर दिया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
अधिकारी ने कहा कि पुलिस उन स्थानीय अपराधियों की भूमिका की भी जांच कर रही है जिन्होंने हमलावरों को संभवत: साजो-सामान और अन्य सहायता उपलब्ध कराई।
उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम में मोटरसाइकिल सवार बंदूकधारियों द्वारा अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या किए जाने के 36 घंटे से अधिक समय बाद भी पुलिस अब तक किसी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘विस्तृत जांच जारी है। जिस तरीके से हमला किया गया, उससे व्यापक ‘रेकी’ किए जाने और राज्य के बाहर से भाड़े के पेशेवर शूटर की संभावित संलिप्तता का संकेत मिलता है।’’
उन्होंने कहा कि सीमावर्ती जिलों के सभी थानों को सतर्क कर दिया गया है।
एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘कई स्थानों पर जांच की जा रही है और जेसोर रोड के आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज को बारीकी से खंगाला जा रहा है।’’
जांच में सामने आए तथ्यों के अनुसार, बंदूकधारियों ने हमला करने से पहले रथ के वाहन का कथित तौर पर पीछा किया था।
अधिकारी ने कहा, ‘‘बंदूकधारियों के भागने के रास्ते से संकेत मिलता है कि वे इलाके से परिचित थे या स्थानीय अपराधियों ने उनकी मदद की होगी। स्थानीय सहायता के बिना गलियों से इतनी जल्दी भागना मुश्किल होता।’’
हालांकि, पुलिस अभी तक हत्या का मकसद पता नहीं लगा पाई है।
पुलिस और खुफिया विभाग के अधिकारियों ने कोलकाता के पास मध्यमग्राम और उसके आसपास व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया है।
बुधवार रात हत्या के बाद से इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस और केंद्रीय बलों की तैनाती की गई है।
एक अन्य अधिकारी ने कहा, ‘‘अपराध में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल 2012 में आसनसोल के बर्नपुर निवासी एक व्यक्ति के नाम पर पंजीकृत थी। हालांकि, पुलिस ने पाया कि वाहन पंजीकरण प्रक्रिया के दौरान दिए गए पते पर फिलहाल उस नाम का कोई व्यक्ति नहीं रहता।’’
भाषा
सिम्मी मनीषा
मनीषा

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