चंद्रयान-5 में अधिक भारी लैंडर होगा, जिससे मिशन की अवधि लंबी होगी: इसरो प्रमुख

चंद्रयान-5 में अधिक भारी लैंडर होगा, जिससे मिशन की अवधि लंबी होगी: इसरो प्रमुख

चंद्रयान-5 में अधिक भारी लैंडर होगा, जिससे मिशन की अवधि लंबी होगी: इसरो प्रमुख
Modified Date: March 11, 2026 / 08:37 pm IST
Published Date: March 11, 2026 8:37 pm IST

बेंगलुरु, 11 मार्च (भाषा) भारत चंद्रयान-4 के तहत चंद्रमा से नमूने एकत्र करके उन्हें पृथ्वी पर वापस लाने की योजना बना रहा है, जबकि चंद्रयान-5 में लंबी अवधि के मिशन वाला एक भारी लैंडर शामिल होगा। इसरो के अध्यक्ष वी. नारायणन ने बुधवार को यह कहा।

उन्होंने इसरो के भविष्य के मिशन के बारे में भी बात की, जिनमें शुक्र ग्रह का अध्ययन करने वाला मिशन और मंगल ग्रह पर उतरने वाला मिशन शामिल हैं।

उन्होंने यहां इसरो के अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी जागरूकता प्रशिक्षण (स्टार्ट 2026) कार्यक्रम के चौथे संस्करण के उद्घाटन समारोह में कहा, ‘हम चंद्रयान कार्यक्रम को आगे बढ़ाने पर काम कर रहे हैं। चंद्रयान-4 में हमारी योजना नमूने एकत्र करके उन्हें वापस लाने की है। चंद्रयान-5 में एक भारी लैंडर शामिल होगा जिसका मिशन काल लंबा होगा।’

उन्होंने याद दिलाया कि चंद्रयान-3 में लैंडर का मिशन काल केवल 14 दिन का था।

नारायणन ने कहा, ‘भविष्य के मिशन में हम लगभग 100 दिनों के जीवनकाल की बात कर रहे हैं। रोवर का वजन भी अधिक होगा। चंद्रयान-3 में लगभग 25 किलोग्राम का रोवर था, जबकि भविष्य के मिशन में लगभग 350 किलोग्राम का रोवर होगा।’

भाषा

शुभम नरेश

नरेश


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