न्यायिक भ्रष्टाचार पर अध्याय: एनसीईआरटी ने माफी मांगी, कक्षा आठ की पाठ्यपुस्तक फिर लिखी जाएगी

न्यायिक भ्रष्टाचार पर अध्याय: एनसीईआरटी ने माफी मांगी, कक्षा आठ की पाठ्यपुस्तक फिर लिखी जाएगी

न्यायिक भ्रष्टाचार पर अध्याय: एनसीईआरटी ने माफी मांगी, कक्षा आठ की पाठ्यपुस्तक फिर लिखी जाएगी
Modified Date: February 26, 2026 / 12:28 am IST
Published Date: February 26, 2026 12:28 am IST

नयी दिल्ली, 25 फरवरी (भाषा) राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने कक्षा आठ की पाठ्यपुस्तक में ‘न्यायिक भ्रष्टाचार’ से संबंधित एक अध्याय को लेकर उच्चतम न्यायालय की नाराजगी के बाद बुधवार को ‘अनुचित सामग्री’ के लिए माफी मांगी और कहा कि संबंधित पुस्तक को उपयुक्त अधिकारियों के परामर्श से फिर से लिखा जाएगा।

स्कूल शिक्षा पाठ्यक्रम के लिए जिम्मेदार एनसीईआरटी ने अपनी वेबसाइट से पुस्तक हटाने के कुछ घंटों बाद ही पाठ्यपुस्तक का वितरण भी रोक दिया।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “यह देखा गया कि संबंधित अध्याय में कुछ अनुचित पाठ्य सामग्री और निर्णय की त्रुटि अनजाने में शामिल हो गई है।”

एनसीईआरटी ने कहा कि वह ‘‘न्यायपालिका को सर्वोच्च सम्मान देता है और उसे भारतीय संविधान का संरक्षक तथा मौलिक अधिकारों का रक्षक मानता है’’।

उसने इस त्रुटि को पूरी तरह अनजाने में हुई गलती बताया।

अधिकारी ने कहा, ‘‘एनसीईआरटी यह पुनः दोहराता है कि नई पाठ्यपुस्तकों का उद्देश्य विद्यार्थियों में संवैधानिक साक्षरता, संस्थाओं का सम्मान और लोकतांत्रिक भागीदारी पर समझ को मजबूत करना है। किसी भी संवैधानिक संस्था के अधिकारक्षेत्र पर प्रश्न उठाने या उसे कमतर करने का (परिषद का) कोई इरादा नहीं है।’’

एनसीईआरटी ने कहा, ‘‘अपनी सतत समीक्षा प्रक्रिया के तहत एनसीईआरटी रचनात्मक सुझावों का स्वागत करता है। इसलिए आवश्यकतानुसार संबंधित अधिकारी से परामर्श के बाद उक्त सामग्री को दोबारा लिखा जाएगा और इसे शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत पर कक्षा आठ के विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।’’

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम पंचोली की पीठ ने एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तक में न्यायपालिका के बारे में की गई “आपत्तिजनक” टिप्पणियों का स्वत: संज्ञान लिया।

यह कदम वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल और अभिषेक सिंघवी की ओर से मामले की तत्काल सुनवाई के लिए विशेष उल्लेख किए जाने के बाद उठाया गया।

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने एनसीईआरटी की कक्षा आठ की पाठ्यपुस्तक में न्यायिक भ्रष्टाचार से संबंधित अध्याय पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कहा कि किसी को भी न्यायपालिका को बदनाम करने या उसकी निष्पक्षता और गरिमा को ठेस पहुंचाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

भाषा शोभना सुरेश

सुरेश


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