चेन्निथला ने विजयन पर ‘साम्प्रदायिक विभाजन’ का आरोप लगाया

चेन्निथला ने विजयन पर ‘साम्प्रदायिक विभाजन’ का आरोप लगाया

चेन्निथला ने विजयन पर ‘साम्प्रदायिक विभाजन’ का आरोप लगाया
Modified Date: January 9, 2026 / 03:01 pm IST
Published Date: January 9, 2026 3:01 pm IST

कोच्चि, नौ जनवरी (भाषा) मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन द्वारा जमात-ए-इस्लामी से कथित संबंधों को लेकर संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के नेताओं की आलोचना करने के एक दिन बाद वरिष्ठ कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला ने शुक्रवार को पलटवार करते हुए विजयन पर सांप्रदायिक आधार पर लोगों को ‘‘बांटने का प्रयास’’ करने का आरोप लगाया।

यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए चेन्निथला ने आरोप लगाया कि विजयन और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी विभाजनकारी सांप्रदायिक राजनीति को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि ब्रिटिश औपनिवेशिक शासकों ने सबसे पहले भारत में ‘फूट डालो और राज करो’ की नीति अपनाई थी और उन्होंने मुख्यमंत्री पर अब उसी रणनीति का पालन करने का आरोप लगाया।

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कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री सत्ता में बने रहने के लिए लोगों को सांप्रदायिक आधार पर बांटने की कोशिश कर रहे हैं। केरल में आज यह हो रहा है कि पिनरायी विजयन विभाजनकारी राजनीति में नरेन्द्र मोदी से प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।’’

उन्होंने दावा किया कि अब एकमात्र सवाल यह है कि इस दौड़ में पहले स्थान पर कौन आएगा।

विजयन ने कहा, ‘‘केरल के मुख्यमंत्री इस दौड़ को जीतने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं।’’

चेन्निथला ने कहा कि उन्होंने पहले भाजपा और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) को ऐसे दुश्मन बताया था जो गुपचुप तरीके से एक-दूसरे की मदद करते थे लेकिन अब उनका मानना ​​है कि वे घनिष्ठ मित्र हैं जो एक-दूसरे को मजबूत कर रहे हैं।

विजयन ने बृहस्पतिवार को एक संवाददाता सम्मेलन में ए.के. एंटनी सरकार के दौरान हुए मराड दंगों के बाद कांग्रेस पर सांप्रदायिक ताकतों से निपटने में नाकाम रहने का आरोप लगाया था।

माकपा नेता ए के बालन ने भी हाल ही में टिप्पणी की थी कि अगर यूडीएफ सत्ता में वापस आती है, तो केरल में मराड दंगों के जैसे दंगे होंगे।

चेन्निथला ने कहा, ‘‘मराड दंगों का बार-बार जिक्र करके मुख्यमंत्री केरल के गहरे घावों पर नमक छिड़क रहे हैं और लोगों के बीच विभाजन पैदा कर रहे हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘जब ओमन चांडी मुख्यमंत्री थे तब केरल में शांति और सद्भाव का माहौल था। ऐसा दौर पहले कभी नहीं आया जब लोग इतने शांतिपूर्ण ढंग से एक साथ रहे हों।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि एलडीएफ ने सबसे पहले जमात-ए-इस्लामी का समर्थन मांगा था।

चेन्निथला ने उन खबरों का भी खंडन किया जिनमें कहा गया था कि यूडीएफ ने सीट बंटवारे पर बातचीत शुरू कर दी है और उन्होंने वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) की सहयोगी केरल कांग्रेस (मणि) की यूडीएफ में वापसी को लेकर किसी भी तरह की बातचीत से इनकार किया।

भाषा गोला मनीषा रंजन

रंजन


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