चिदंबरम का ट्रंप पर ‘टैरिफ का हथियार के रूप में इस्तेमाल’ करने का आरोप, भारत को लाभ पर सवाल उठाए

चिदंबरम का ट्रंप पर 'टैरिफ का हथियार के रूप में इस्तेमाल' करने का आरोप, भारत को लाभ पर सवाल उठाए

चिदंबरम का ट्रंप पर ‘टैरिफ का हथियार के रूप में इस्तेमाल’ करने का आरोप, भारत को लाभ पर सवाल उठाए
Modified Date: February 22, 2026 / 12:27 am IST
Published Date: February 22, 2026 12:27 am IST

नयी दिल्ली, 21 फरवरी (भाषा) कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने शनिवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर ‘टैरिफ का हथियार के रूप में इस्तेमाल’ करने का आरोप लगाया और कहा कि इस कदम की निंदा की जानी चाहिए।

सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में पूर्व वित्त मंत्री ने कहा कि उन्हें इस बात पर आश्चर्य नहीं हुआ कि दो अप्रैल 2025 को घोषित तथाकथित पारस्परिक टैरिफ को अमेरिकी उच्चतम न्यायालय द्वारा रद्द करने के बाद ट्रंप फिर से शुल्क लगाने के तरीकों की ‘तलाश’ कर रहे हैं।

चिदंबरम ने कहा, ‘आश्चर्यजनक बात यह है कि कुछ टिप्पणीकार और भाजपा समर्थक ट्रोल किसी न किसी तरह से टैरिफ को बरकरार रखने के लिए ट्रंप के कार्यों को परोक्ष रूप से उचित ठहरा रहे हैं।’

उन्होंने पूछा, ‘क्या उन्हें इस बात का एहसास है कि टैरिफ ने व्यापार को बुरी तरह से बाधित किया और यह उस नियम-आधारित व्यापार व्यवस्था के विपरीत है जिसे सभी देश चाहते हैं? क्या उन्हें इस बात का एहसास है कि शुल्क ने अमेरिका को होने वाले भारत के निर्यात को नुकसान पहुंचाया?’

चिदंबरम ने कहा कि ट्रंप की कार्रवाइयों की सभी देशों ने ‘टैरिफ का हथियार के रूप में इस्तेमाल’ करने के रूप में निंदा की है।

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘फैसले के बाद राष्ट्रपति ट्रंप (कानून के अन्य विभिन्न प्रावधानों के तहत) जो करने की कोशिश कर रहे हैं वह भी शुल्क का हथियार के रूप में इस्तेमाल है और इसकी भी निंदा की जानी चाहिए।’

ट्रंप की हालिया टिप्पणियों का जिक्र करते हुए चिदंबरम ने केंद्र के संतुलित समझौते को हासिल करने के दावों पर सवाल उठाया।

भाषा

शुभम वैभव

वैभव


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