ओडिशा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मतदाता सूची से नाम हटाने से पहले सत्यापन के निर्देश दिए
ओडिशा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मतदाता सूची से नाम हटाने से पहले सत्यापन के निर्देश दिए
भुवनेश्वर, 20 अप्रैल (भाषा) ओडिशा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) आर एस गोपालन ने सोमवार को कहा कि उन्होंने निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (ईआरओ) को मतदाता सूची से नाम हटाने से पहले उचित सत्यापन करने का निर्देश दिया है।
यह निर्देश सभी जिलों के ईआरओ को तब दिया गया है जब बूथ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) ने राज्य भर में मृत्यु और निवास स्थान बदलने के कारण मतदाता सूची से हटाने के लिए लगभग 9.8 लाख नामों की पहचान की है।
गोपालन ने पत्रकारों से कहा, ‘हमने सभी ईआरओ से मतदाता सूची से नाम हटाने से पहले उचित सत्यापन करने को कहा है।’
उन्होंने स्पष्ट किया कि बीएलओ ने अनुपस्थित मतदाताओं पर अपनी रिपोर्ट जमा कर दी है, लेकिन वे मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए अधिकृत नहीं हैं।
उन्होंने कहा, ‘आमतौर पर ओडिशा में हर साल मृत्यु और स्थानांतरण के कारण सूची से सात से नौ लाख नाम हटाए जाते हैं। इस बार लगभग 9.8 लाख लोग जांच के दायरे में आए हैं क्योंकि बीएलओ ने विशेष गहन पुनरीक्षण कवायद से पहले ही जमीनी सत्यापन (मैपिंग) का कार्य शुरू कर दिया है’
अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी-सह-विशेष सचिव सुशांत कुमार मिश्रा द्वारा ईआरओ को जारी पत्र में कहा गया है कि मतदाता जमीनी सत्यापन प्रक्रिया शुरू होने के बाद से लगभग 9.8 लाख नामों को हटाने के लिए सूचीबद्ध किया गया है।
पत्र में निर्देश दिया गया है कि ईआरओ नामों को हटाने, विशेष रूप से मृत मतदाताओं के मामले में गहन सत्यापन करें।
भाषा सुमित नरेश
नरेश

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