मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इस्कॉन मुख्यालय का दौरा किया, ‘गौ पूजा’ की
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इस्कॉन मुख्यालय का दौरा किया, ‘गौ पूजा’ की
कोलकाता, 28 मई (भाषा) पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी बृहस्पतिवार को नदिया जिला स्थित इस्कॉन मुख्यालय पहुंचे और ‘गौ पूजा’ की। राजनीतिक एवं आध्यात्मिक रूप से उनका यह दौरा काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
उन्होंने इस्कॉन के साधु-संतों और मंदिर प्रबंधन के सदस्यों से भी बात की।
अधिकारियों के अनुसार, पारंपरिक सफेद धोती-कुर्ता पहने शुभेंदु पूर्वाह्न करीब साढ़े 11 बजे नंगे पांव मंदिर परिसर की गौशाला में दाखिल हुए, और विशेष ‘गौ पूजा’ अनुष्ठान किया तथा बाद में गायों को फल व मिठाइयां खिलाईं। वह ‘यज्ञ’ में शामिल हुए और फिर इस्कॉन के साधु-संतों तथा प्रबंधन के सदस्यों से बात करने के लिए चंद्रोदय मंदिर पहुंचे।
विधानसभा चुनाव में भाजपा की प्रचंड जीत के बाद इस महीने की शुरुआत में मुख्यमंत्री के रूप में पदभार संभालने के बाद शुभेंदु का मायापुर स्थित इस्कॉन मुख्यालय का यह पहला दौरा है।
मुख्यमंत्री के मायापुर पहुंचते ही कीर्तन की मधुर ध्वनि के बीच साधु-संतों और श्रद्धालुओं ने उनका स्वागत किया। सैकड़ों लोग सुबह से ही मंदिर परिसर के आसपास उनकी एक झलक पाने के लिए एकत्र थे।
इस दौरान मंदिर नगरी में उत्सव जैसा माहौल था।
अधिकारियों ने बताया कि मायापुर और इसके आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए, प्रमुख प्रवेश द्वारों पर अवरोधक लगाए गए और मंदिर परिसर के कुछ हिस्सों में आवागमन पर प्रतिबंध लगा दिया गया।
इस्कॉन के एक प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री ने संगठन और इसके कार्यों के प्रति ‘गहरी रुचि और उत्साह’’ दिखाया।
प्रवक्ता ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री बनने के बाद यह पहली बार है जब वह इस्कॉन मायापुर आए हैं। उन्होंने ‘गोपी-जन गौ सेवा’ और यज्ञ अनुष्ठानों में भाग लिया। साधु-संतों के साथ एक संवाद सत्र भी आयोजित किया जाएगा।’’
यद्यपि, इसे आध्यात्मिक दौरे के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है, लेकिन इस दौरे का स्पष्ट रूप से राजनीतिक निहितार्थ है, विशेषकर ऐसे राज्य में जहां धर्म और सांस्कृतिक पहचान से जुड़े प्रतीकों का चुनावी महत्व लगातार बढ़ता जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों ने रेखांकित किया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विधानसभा चुनाव से पहले फरवरी में इस्कॉन मुख्यालय का दौरा किया था, और इस दौरान अधिकारी शुभेंदु भी उनके साथ थे।
हाल के वर्षों में भाजपा नेतृत्व ने बंगाल में इस्कॉन और रामकृष्ण मिशन सहित प्रभावशाली धार्मिक एवं सांस्कृतिक संस्थानों के साथ मजबूत संबंध बनाने की कोशिश की है, जो जाति और क्षेत्रीय सीमाओं से परे हिंदू मतदाताओं के वर्गों को एकजुट करने के उद्देश्य से किए गए व्यापक प्रयासों का हिस्सा है।
शुभेंदु का मायापुर दौरा बेलूर मठ स्थित रामकृष्ण मठ और रामकृष्ण मिशन के उनके दौरे के ठीक एक सप्ताह बाद हुआ है, जहां उन्होंने साधु-संतों से मुलाकात की थी और शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, सेवा तथा आध्यात्मिकता पर जोर देते हुए स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया था।
इस्कॉन मुख्यालय परिसर में कई मंदिर, शिक्षण संस्थान और अतिथि गृह हैं, जहां हर साल देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु आते हैं।
भाषा नेत्रपाल पवनेश
पवनेश

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