भाजपा की खेल-विरोधी सोच की भेंट चढ़ा चौंप क्रिकेट स्टेडियम: पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत

भाजपा की खेल-विरोधी सोच की भेंट चढ़ा चौंप क्रिकेट स्टेडियम: पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत

भाजपा की खेल-विरोधी सोच की भेंट चढ़ा चौंप क्रिकेट स्टेडियम: पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत
Modified Date: March 28, 2026 / 01:46 pm IST
Published Date: March 28, 2026 1:46 pm IST

जयपुर, 28 मार्च (भाषा) राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को आरोप लगाया कि जयपुर के पास चौंप में प्रस्तावित क्रिकेट स्टेडियम राज्य की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की खेल-विरोधी सोच की भेंट चढ़ गया है।

कांग्रेस की पिछली सरकार के समय चौंप में दुनिया के तीसरे व देश के दूसरे सबसे बड़े क्रिकेट स्टेडियम की योजना बनाई गई थी और इसका शिलान्यास पांच फरवरी 2022 को हुआ था।

गहलोत ने सोशल मीडिया पर ‘इंतजारशास्त्र’ की छठी कड़ी में शनिवार को कहा कि राज्य की भाजपा सरकार का रवैया न केवल स्वास्थ्य एवं विकास परियोजनाओं के प्रति उपेक्षापूर्ण है बल्कि खेल सुविधाओं के विस्तार में भी भारी अरुचि स्पष्ट दिखाई दे रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सवा दो साल में राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (आरसीए) की भी दुर्गति हो गई है और चुनाव कर नया अध्यक्ष तक नहीं बनाया जा सका है।

गहलोत ने कहा कि जयपुर में आरसीए के पास अपना अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम न होने की कमी को दूर करने के लिए कांग्रेस सरकार के समय चौंप में क्रिकेट स्टेडियम की योजना बनाई गई थी।

उन्होंने दावा किया कि इस स्टेडियम का निर्माण शुरू हुए 36 महीने से अधिक बीत जाने और करोड़ों रुपए व्यय होने के बावजूद परियोजना आज भी अधर में लटकी है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, “निकट भविष्य में इस परियोजना के पूरा होने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे। इससे स्पष्ट है कि भाजपा सरकार विकास कार्यों को गति देने के बजाय उन्हें ‘ठंडे बस्ते’ में डालने का काम कर रही है।”

उन्होंने आगाह किया कि समय पर परियोजना पूरा न होने के कारण निर्माण लागत निरंतर बढ़ती जा रही है, जिसका अतिरिक्त आर्थिक बोझ अंततः राजस्थान की जनता और खेल प्रेमियों पर ही पड़ेगा।

गहलोत ने सवाल किया, “क्या भाजपा को राजस्थान का नाम चमकना पसंद नहीं है? जो स्टेडियम प्रदेश का मान पूरी दुनिया में बढ़ाने वाला था, वह आज भाजपा की कार्यशैली के कारण विफलता का प्रतीक बनता जा रहा है।”

उन्होंने राज्य सरकार से राजनीतिक द्वेष को दरकिनार कर खिलाड़ियों के सपनों को साकार करने और इस अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम का काम अविलंब पूरा किये जाने की मांग की।

भाषा पृथ्वी जितेंद्र

जितेंद्र


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