Cigarette Gutkha Banned: गुटखा, बीड़ी, सिगरेट, पान मसाला और जर्दा पर लगा बैन, बेचना ही नहीं बनाना भी हुआ प्रतिबंधित, भाजपा सरकार का बड़ा फैसला
Cigarette Gutkha Banned: गुटखा, बीड़ी, सिगरेट, पान मसाला और जर्दा पर लगा बैन, बेचना ही नहीं बनाना भी हुआ प्रतिबंधित, भाजपा सरकार का बड़ा फैसला
Cigarette Gutkha Banned: गुटखा, बीड़ी, सिगरेट, पान मसाला और जर्दा पर लगा बैन, बेचना ही नहीं बनाना भी हुआ प्रतिबंधित / Image: AI Generated
- बीड़ी, सिगरेट, गुटखा, खैनी, जर्दा और पान मसाला पर रोक
- ओडिशा में 42% वयस्क 'स्मोकलेस' तंबाकू का उपयोग करते हैं
- फैसला सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और FSSAI के नियमों के तहत लिया गया
भुवनेश्वर: Cigarette Gutkha Banned प्रदेश सरकार ने नश मुक्ति की पहल करते हुए बड़ा फैसला लिया है। भाजपा सरकार ने बीड़ी, सिगरेट, गुटखा, तंबाकू, खैनी और जर्दा सहित सभी नशीले सामानों पर बैन लगा दिया है। बताया जा रहा है कि सरकार ना सिर्फ बेचने पर बल्कि प्रोडक्शन, पैकेजिंग, डिस्ट्रीब्यूशन पर भी बैन लगा दिया है। यानि सरकार ने एक फैसले में नशे का सामान बनाने वालों की फैक्ट्रियों पर ताला जड़ दिया है। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग ने अधिसूचना जारी कर दिया है।
स्वास्थ्य विभाग ने जारी की अधिसूचना
Cigarette Gutkha Banned ओडिशा सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी करते हुए कहा है कि जर्दा, खैनी, गुटखा और तंबाकू उत्पादों का सेवना करना कैंसर की बड़ी वजह है। देश में हर साल लाखों लोग जर्दा खाकर कैंसर का शिकार हो रहे हैं। ऐसे में सरकार ने इन उत्पादों पर बैन लगा दिया है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग ने ये भी कहा है कि इसके अलावा पान मसाला, पान, सुपारी, धुआं पत्ता आदि जैसे उत्पाद भी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं।
गुटखा, पान मसाला, जर्दा बैन
- गुटखा, पान मसाला, जर्दा, खैनी
- सभी तरह के फ्लेवर्ड, सेंटेड या एडिटिव्स मिले चबाने वाले प्रोडक्ट्स
- पैकेज्ड या अनपैकेज्ड दोनों तरह के तंबाकू प्रोडक्ट्स
- अलग-अलग पैकेट में बेचे जाने वाले प्रोडक्ट्स जो मिलाकर इस्तेमाल किए जाते हैं
- कोई भी फूड प्रोडक्ट जिसमें तंबाकू या निकोटीन मिला हो, चाहे कोई भी नाम हो
- यह बैन सभी ओरल (मुंह से इस्तेमाल होने वाले) तंबाकू प्रोडक्ट्स पर लागू है। चाहे वे किसी भी रूप में बनाए, बेचे, स्टॉक किए या इस्तेमाल किए जा रहे हों।
ये प्रोडक्ट बनते हैं कैंसर का कारण
- इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर और WHO ने इन्हें कैंसर पैदा करने वाला बताया है
- मुंह, गले, पेट, किडनी, फेफड़े आदि के कैंसर का खतरा बहुत बढ़ जाता है
- ओडिशा में 42% से ज्यादा वयस्क लोग स्मोकलेस तंबाकू इस्तेमाल करते हैं, जो राष्ट्रीय औसत से लगभग दोगुना है
- खासकर बच्चे और युवा इससे बहुत प्रभावित होते हैं. ये आदत डाल देते हैं और ओरल हेल्थ खराब करते हैं
- तंबाकू मुक्त ओडिशा बनाने का संकल्प
क्यों लिया गया ऐसा फैसला
बताया गया कि यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) के नियमों के अनुसार लिया गया है। हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर डिपार्टमेंट ने प्रतिबंधों का नोटिफिकेशन जारी किया है। एक अधिकारी ने कहा, ‘यह बैन सभी ओरल तंबाकू प्रोडक्ट्स को कवर करता है और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों से मजबूत है, जिससे कानूनी रूप से और सख्ती आएगी।’
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