नयी दिल्ली, 26 अगस्त (भाषा) भारत के प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने राजस्थान उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा के खिलाफ उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश संदीप मेहता द्वारा लगाए गए आरोपों पर बुधवार को प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी मौजूदा न्यायाधीश के खिलाफ आरोपों से ‘‘केवल स्थापित संस्थागत तंत्र के माध्यम से ही निपटा जाना चाहिए।’’
न्यायमूर्ति मेहता ने प्रधान न्यायाधीश को लिखे तीन अलग-अलग पत्रों में न्यायमूर्ति शर्मा के अधीन गंभीर प्रशासनिक अनियमितताएं होने और चुनिंदा मामलों को सूचीबद्ध किए जाने का आरोप लगाया है।
जर्मनी और ब्रिटेन की चार दिवसीय यात्रा पर गए प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने एक बयान जारी कर कहा कि राजस्थान उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के खिलाफ लगाए गए आरोपों को अपने आप में उनके खिलाफ निष्कर्ष नहीं माना जा सकता और संबंधित न्यायाधीश को अपना पक्ष रखने का उचित अवसर दिया जाना चाहिए।
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