सीजेआई ने रिक्त पदों को भरने, महिला न्यायाधीशों की पदोन्नति को प्राथमिकता देने के लिए पत्र लिखा
सीजेआई ने रिक्त पदों को भरने, महिला न्यायाधीशों की पदोन्नति को प्राथमिकता देने के लिए पत्र लिखा
नयी दिल्ली, 27 मार्च (भाषा) प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों को न्यायिक रिक्तियों को शीघ्रता से भरने के लिए पत्र लिखा है। इसमें न्यायाधीशों की पीठों में विविधता सुनिश्चित करने के लिए महिला न्यायाधीशों की पदोन्नति पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई है।
सूत्रों के अनुसार, प्रधान न्यायाधीश ने पिछले सप्ताह 25 उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों को पत्र लिखकर उच्च न्यायपालिका में न्यायाधीशों के रिक्त पदों पर प्रकाश डाला और पीठों में महिलाओं के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने को कहा।
प्रधान न्यायाधीश ने पहले भी महिला न्यायाधीशों के कम प्रतिनिधित्व का मुद्दा उठाया था। उन्होंने मुख्य न्यायाधीशों से यह भी कहा है कि वे कॉलेजियम की सिफारिशों में देरी न करें और वास्तविक रिक्ति उत्पन्न होने से पहले ही रिक्तियों को भरने के लिए कदम उठाने का प्रयास करें।
आठ मार्च को एक समारोह में प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने न्यायपालिका में अधिक संस्थागत सुधारों की वकालत की, ताकि ज्यादा महिलाओं को विधि क्षेत्र में लाया जा सके। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालयों के कॉलेजियम को योग्य महिला वकीलों को न्यायाधीश नियुक्त करने पर एक अपवाद के रूप में नहीं, बल्कि एक सामान्य नियम के रूप में विचार करना चाहिए।
प्रधान न्यायाधीश ने उच्च न्यायालयों के कॉलेजियम से कहा कि वे अपने चयन के दायरे को और व्यापक बनाएं तथा अपने-अपने राज्यों की उन महिला अधिवक्ताओं के नामों पर भी विचार करें, जो शीर्ष अदालत में वकालत कर रही हैं।
उन्होंने इस बात का उल्लेख किया था कि वर्तमान में कई महिलाएं विभिन्न उच्च न्यायालयों की मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्यरत हैं, और पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में तो 18 महिला न्यायाधीश कार्यरत हैं।
उन्होंने कहा था कि इसी प्रकार, मद्रास और बंबई उच्च न्यायालयों में भी करीब 12 महिला न्यायाधीश हैं।
प्रधान न्यायाधीश ने यह भी कहा था कि जिला स्तर पर न्यायिक अधिकारियों की कुल संख्या में महिलाओं की हिस्सेदारी लगभग 36.3 प्रतिशत है।
केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल द्वारा फरवरी में लोकसभा में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2014 से अब तक उच्च न्यायालयों में 170 महिला न्यायाधीशों की नियुक्ति की गई है, जिनमें से 96 नियुक्तियां पिछले पांच वर्षों में हुई हैं, जबकि शीर्ष अदालत में छह महिला न्यायाधीश नियुक्त की गई हैं।
आंकड़ों के अनुसार, छह फरवरी तक उच्च न्यायालयों में 116 महिला न्यायाधीश कार्यरत थीं। इसमें यह भी बताया गया कि स्वीकृत संख्या 1122 न्यायाधीशों के मुकाबले उच्च न्यायालय के 308 पद रिक्त थे।
छह फरवरी तक उच्च न्यायालयों में 814 न्यायाधीश कार्यरत थे और शीर्ष अदालत में वर्तमान में एक महिला न्यायाधीश सहित 33 न्यायाधीश हैं।
भाषा आशीष दिलीप
दिलीप

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