एसडीपीआई से समर्थन लेने का दावा आधारहीन, एलडीएफ सांप्रदायिकता विरोधी रुख पर कायम : विजयन

एसडीपीआई से समर्थन लेने का दावा आधारहीन, एलडीएफ सांप्रदायिकता विरोधी रुख पर कायम : विजयन

एसडीपीआई से समर्थन लेने का दावा आधारहीन, एलडीएफ सांप्रदायिकता विरोधी रुख पर कायम : विजयन
Modified Date: March 31, 2026 / 04:22 pm IST
Published Date: March 31, 2026 4:22 pm IST

तिरुवनंतपुरम, 31 मार्च (भाषा)केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने नौ अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ गठबंधन एलडीएफ द्वारा एसडीपीआई से समर्थन मांगने के दावों को मंगलवार को सिरे से खारिज करते हुए, इसे ‘बेबुनियाद’ करार दिया।

विजयन ने यहां संवाददाताओं से कहा कि मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) नीत वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ)या उसके किसी भी उम्मीदवार ने नेमोम निर्वाचन क्षेत्र सहित कहीं भी चुनाव में सहयोग के लिए एसडीपीआई से संपर्क नहीं किया है।

सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) प्रतिबंधित इस्लामी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) की राजनीतिक शाखा है।

विजयन से नेमोम सीट पर सत्तारूढ़ एलडीएफ को एसडीपीआई द्वारा घोषित समर्थन के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि माकपा, एलडीएफ या निर्वाचन क्षेत्र में उसके उम्मीदवार में से किसी ने कभी भी ऐसा समर्थन नहीं मांगा था।

माना जा रहा है कि नेमोम में एलडीएफ का भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार से कड़ा मुकाबला है।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘यह निराधार है। हमने कभी इस तरह का समर्थन नहीं मांगा। हमने कभी एलडीएफ के बाहर किसी से समर्थन मांगने की नीति नहीं अपनाई। नेमोम से हमारे उम्मीदवार शिवनकुट्टी ने भी ऐसा कोई अनुरोध नहीं किया।’’

माकपा के वरिष्ठ नेता ने कांग्रेस नीत विपक्षी संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) पर जनता को गुमराह करने के लिए इस मुद्दे पर भ्रम की स्थिति पैदा करने की कोशिश करने का आरोप लगाया।

भाषा धीरज नरेश

नरेश


लेखक के बारे में