छठी कक्षा की छात्रा ने स्कूल में ‘बुनियादी सुविधाओं की कमी’ को लेकर उपमुख्यमंत्री पवार को लिखा पत्र
छठी कक्षा की छात्रा ने स्कूल में ‘बुनियादी सुविधाओं की कमी’ को लेकर उपमुख्यमंत्री पवार को लिखा पत्र
बीड, 22 जनवरी (भाषा) महाराष्ट्र के बीड जिले के एक गांव की छठी कक्षा की छात्रा ने उपमुख्यमंत्री अजित पवार को पत्र लिखकर जिला परिषद द्वारा संचालित उसके स्कूल में ‘‘बुनियादी सुविधाओं की कमी’’ की ओर ध्यान आकर्षित किया है। इस पत्र के संज्ञान में आने के बाद स्थानीय अधिकारियों ने शिकायतों की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है।
परभणी केसापुरी गांव की छात्रा अंकिता कवचट ने उपमुख्यमंत्री पवार को लिए अपने पत्र में सवाल किया कि क्या उसे और गन्ना मजदूरों के अन्य बच्चों को बड़े सपने देखने का अधिकार नहीं है।
अंकिता का यह पत्र बृहस्पतिवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
अंकिता ने पत्र में अपने स्कूल के शिक्षकों द्वारा किए जा रहे प्रयासों की तो सराहना की, लेकिन साथ ही स्कूल की बदहाली का जिक्र भी किया। उसने बताया कि स्कूल में स्वच्छ पेयजल, शौचालय, हाथ धोने की सुविधा और खिलौनों जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं है।
उसने बताया कि ये सुविधाएं सिर्फ कागजों पर मौजूद हैं जबकि वास्तव में छात्रों को कुछ भी नहीं मिलता। उसने कहा कि इन बुनियादी सुविधाओं के अभाव के बावजूद छात्र स्कूल आ रहे हैं क्योंकि वे पढ़ना चाहते हैं।
अंकिता ने उपमुख्यमंत्री से सवाल किया, ‘‘क्या हमें भी गन्ने की कटाई करने वाला मजदूर ही बने रहना चाहिए? क्या हमें बड़े सपने नहीं देखने चाहिए?’’
उसने कहा, ‘‘हमारी मांगें बहुत बड़ी नहीं हैं। हमें पढ़ने के लिए बस बुनियादी सुविधाओं की जरूरत है जिसमें साफ शौचालय, खिलौने चाहिए। साथ ही ऐसा प्रबंधन चाहिए जो हमारे लिए ईमानदारी से काम करे। आपका एक फैसला हमारी जिंदगी बदल सकता है।’’
इस पत्र को लेकर जिला परिषद के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘‘हम इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन कर रहे हैं। एक बार रिपोर्ट आ जाए फिर हम उसी के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करेंगे।’’
भाषा प्रचेता शफीक
शफीक


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