उत्तराखंड के पौड़ी में स्कूल के पास तेंदुए घूमते देखे जाने के बाद कक्षाएं निलंबित

उत्तराखंड के पौड़ी में स्कूल के पास तेंदुए घूमते देखे जाने के बाद कक्षाएं निलंबित

उत्तराखंड के पौड़ी में स्कूल के पास तेंदुए घूमते देखे जाने के बाद कक्षाएं निलंबित
Modified Date: May 10, 2026 / 10:41 pm IST
Published Date: May 10, 2026 10:41 pm IST

पौड़ी गढ़वाल, 10 मई (भाषा) जिले के एकेश्वर प्रखंड के एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय में सोमवार और मंगलवार को प्राधिकारियों ने छुट्टी की घोषणा की है, क्योंकि उसके परिसर के पास दो तेंदुए दिखे थे। यह जानकारी अधिकारियों ने दी।

यह घटना शनिवार को सुबह 7.30 बजे उस समय हुई, जब सासन स्थित सरकारी प्राथमिक विद्यालय के छात्र सुबह की सभा के लिए एकत्र हो रहे थे।

स्थानीय टैक्सी चालक शुभम रावत ने तेंदुओं को देखा और कर्मचारियों को सतर्क करने के लिए अपने वाहन का हॉर्न बजाया। शिक्षकों ने छात्रों को कक्षाओं के अंदर सुरक्षित रखने के लिए तुरंत कदम उठाए, जबकि ग्रामीणों ने पत्थरों और शोर का इस्तेमाल करके जानवरों को जंगल में भगा दिया।

इस घटना के बाद, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सोमवार से शुरू होकर दो दिनों के लिए स्कूल बंद रखने का आदेश दिया।

सहायक शिक्षक विकास चंद्र कैंथोला ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘प्रार्थना सभा शुरू होने ही वाली थी कि हमें सूचना मिली कि तेंदुए हमारी दीवार के ठीक सामने खड़े हैं। हमने बच्चों की सुरक्षा के लिए तुरंत कदम उठाए।’’

इस घटना से मासो, मावनिधर और पिपली समेत आसपास के 14 विद्यालयों में दहशत उत्पन्न हो गई है।

स्थानीय नेताओं का कहना है कि तेंदुओं के आतंक के कारण परिवार मैदानी इलाकों में पलायन कर रहे हैं और कई छात्र पहले ही स्थानांतरण प्रमाण पत्र मांग चुके हैं।

ग्राम प्रधान सीमा देवी के प्रतिनिधि सुरेंद्र सिंह ने बताया कि वे जल्द ही पौड़ी के जिलाधिकारी से मिलकर स्कूल को ग्राम पंचायत भवन में स्थानांतरित करने की मांग करेंगे। वर्तमान स्कूल भवन गांव से लगभग 700 मीटर दूर स्थित है।

ग्रामीणों ने इन हिंसक जानवरों को पकड़ने के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की है।

वन विभाग की टीम स्थिति का जायजा लेने और क्षेत्र की निगरानी करने के लिए मौके पर पहुंचीं। एक अधिकारी ने बताया, ‘हमने क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है और निवासियों और स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक उपाय कर रहे हैं।’

भाषा अमित दिलीप

दिलीप


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