दिल्ली में 4.2 डिग्री सेल्सियस रहा न्यूनतम तापमान, अगले दो दिन ‘शीत लहर’ का अनुमान

दिल्ली में 4.2 डिग्री सेल्सियस रहा न्यूनतम तापमान, अगले दो दिन 'शीत लहर' का अनुमान

दिल्ली में 4.2 डिग्री सेल्सियस रहा न्यूनतम तापमान, अगले दो दिन ‘शीत लहर’ का अनुमान
Modified Date: January 11, 2026 / 12:20 am IST
Published Date: January 11, 2026 12:20 am IST

नयी दिल्ली, 10 जनवरी (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी में शनिवार को इस सर्दी के मौसम की सबसे ठंडी सुबह दर्ज की गई और अगले दो दिनों में स्थिति के और बिगड़ने के साथ ‘शीत लहर’ चलने का अनुमान है।

दिल्ली के सफदरजंग वेधशाला में न्यूनतम तापमान 4.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो 2024 के बाद से जनवरी की सबसे ठंडी सुबह है। यह इस मौसम में अब तक का सबसे कम तापमान भी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, अधिकतम तापमान 19.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से कम है।

विभाग ने रविवार और सोमवार के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी करते हुए मध्यम से घने कोहरे और शीत लहर की चेतावनी दी है। सुबह मध्यम से घना कोहरा छाए रहने का भी अनुमान है।

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न्यूनतम तापमान के सामान्य से 4.5 से 6.4 डिग्री नीचे गिरने पर शीत लहर घोषित की जाती है।

शनिवार को सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 4.2 डिग्री सेल्सियस, पालम में 4.5 डिग्री, लोधी रोड में 4.7 डिग्री, रिज में 5.3 डिग्री और आयानगर में भी 4.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

इस तापमान ने शनिवार की सुबह को पिछले तीन वर्षों में जनवरी की सबसे ठंडी सुबह बना दिया। इससे पहले 15 जनवरी 2024 को तापमान 3.3 डिग्री तक गिर गया था।

इस बीच, दिल्ली की वायु गुणवत्ता और खराब होकर ‘बेहद खराब’ श्रेणी में पहुंच गई। शाम चार बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 346 दर्ज किया गया। चांदनी चौक में यह 395 रहा, जो ‘गंभीर’ श्रेणी के करीब है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के ‘समीर’ ऐप के आंकड़ों के अनुसार, 27 केंद्रों पर वायु गुणवत्ता ‘बेहद खराब’ श्रेणी में रही, जबकि 11 केंद्रों पर ‘खराब’ श्रेणी दर्ज की गई।

सीपीसीबी के अनुसार, शून्य से 50 के बीच एक्यूआई को ‘अच्छा’, 51 से 100 को ‘संतोषजनक’, 101 से 200 को ‘मध्यम’, 201 से 300 को ‘खराब’, 301 से 400 को ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 के बीच एक्यूआई को ‘गंभीर’ श्रेणी में माना जाता है।

‘डिसीजन सपोर्ट सिस्टम’ के अनुसार, स्थानीय प्रदूषण में परिवहन उत्सर्जन का योगदान 10.84 प्रतिशत रहा, जिसके बाद दिल्ली और आसपास के उद्योगों की हिस्सेदारी 11.08 प्रतिशत रही।

‘वायु गुणवत्ता चेतावनी प्रणाली’ के अनुसार, 13 जनवरी तक वायु गुणवत्ता के ‘बेहद खराब’ श्रेणी में ही रहने का अनुमान है।

भाषा सुमित अविनाश

अविनाश


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