कश्मीर में शीतलहर का प्रकोप बढ़ा, न्यूनतम तापमान में गिरावट

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कश्मीर में शीतलहर का प्रकोप बढ़ा, न्यूनतम तापमान में गिरावट

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  • Publish Date - January 15, 2025 / 07:02 PM IST,
    Updated On - January 15, 2025 / 07:02 PM IST

श्रीनगर, 15 जनवरी (भाषा) कश्मीर में शीतलहर का प्रकोप काफी बढ़ गया है और घाटी में रात के तापमान में गिरावट आई है। मौसम विभाग ने यह जानकारी दी।

मौसम विभाग ने बुधवार को बताया कि अगले कुछ दिनों तक घाटी में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने का अनुमान है।

मौसम विभाग के अनुसार, श्रीनगर में मंगलवार रात न्यूनतम तापमान शून्य से 4.8 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया, जो पिछली रात के शून्य से 4.1 डिग्री सेल्सियस नीचे से कम है।

‘स्कीइंग’ के लिए प्रसिद्ध उत्तरी कश्मीर के पर्यटक स्थल गुलमर्ग में न्यूनतम तापमान शून्य से 7.4 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया, जो पिछली रात के शून्य से 6.2 डिग्री सेल्सियस नीचे से कम है।

पहलगाम में न्यूनतम तापमान शून्य से 8.4 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया, जबकि पिछली रात यह शून्य से 7.8 डिग्री सेल्सियस नीचे था।

काजीगुंड में न्यूनतम तापमान शून्य से 5.4 डिग्री सेल्सियस नीचे, पंपोर शहर के कोनीबल में शून्य से 6.4 डिग्री सेल्सियस नीचे, कुपवाड़ा में शून्य से 4.7 डिग्री सेल्सियस नीचे और कोकेरनाग में शून्य से 4.6 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया।

मौसम विभाग के अनुसार घाटी में 18 जनवरी तक अधिकांश समय आंशिक रूप से बादल छाये रहेंगे, लेकिन मौसम शुष्क रहेगा। ऊंचाई वाले स्थानों पर 16 जनवरी को हल्की बर्फबारी होने की संभावना है।

वर्तमान में कश्मीर घाटी ‘चिल्ला-ए-कलां’ (सर्वाधिक ठंड की अवधि) की चपेट में है। इसे सर्दियों का सबसे कठिन समय माना जाता है, जो 21 दिसंबर से शुरू हुआ था।

‘चिल्ला-ए-कलां’ की 40 दिनों की अवधि के दौरान बर्फबारी की सबसे अधिक संभावना होती है।

‘चिल्ला-ए-कलां’ 30 जनवरी को समाप्त होता है, उसके बाद 20 दिनों का ‘चिल्ला-ए-खुर्द’ और 10 दिनों का ‘चिल्ला-ए-बच्चा’ होता है।

भाषा

योगेश रवि कांत