धार्मिक संस्थानों के संबंध में जानकारी इकट्ठा करना संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन: श्रीनगर के सांसद

धार्मिक संस्थानों के संबंध में जानकारी इकट्ठा करना संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन: श्रीनगर के सांसद

धार्मिक संस्थानों के संबंध में जानकारी इकट्ठा करना संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन: श्रीनगर के सांसद
Modified Date: January 13, 2026 / 04:11 pm IST
Published Date: January 13, 2026 4:11 pm IST

श्रीनगर, 13 जनवरी (भाषा) नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता आगा रुहुल्लाह मेहदी ने मंगलवार को कहा कि जम्मू कश्मीर में पुलिस द्वारा मस्जिदों, मदरसों और इमामों के संबंध में जानकारी इकट्ठा करना संविधान के तहत प्रदत्त धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन है।

श्रीनगर से लोकसभा सदस्य मेहदी ने यहां पत्रकारों से कहा, ‘सीआईडी, आईबी और अर्धसैनिक बलों द्वारा पहले से ही निगरानी के कई स्तर मौजूद हैं। यह धमकी और निगरानी संविधान द्वारा प्रदत्त धर्म का पालन करने के अधिकार का उल्लंघन है।’

पिछले साल ‘सफेदपोश’ आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ होने के बाद अधिकारियों ने केंद्र शासित प्रदेश में मस्जिदों, मदरसों और धार्मिक संस्थानों के प्रबंधन से जुड़े व्यक्तियों के संबंध में जानकारी इकट्ठा करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

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ग्राम नंबरदारों (ग्राम स्तरीय राजस्व कर्मचारियों) को मस्जिदों, मदरसों, इमामों, शिक्षकों और इन संस्थानों की प्रबंधन समिति के सदस्यों का विवरण प्राप्त करने के लिए एक प्रपत्र दिया गया है।

मेहदी ने कहा, ‘उनके (पुलिस के) पास आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों के रूप में पहले से ही जानकारी मौजूद है। यह जानकारी इकट्ठा करना धर्म का प्रचार-प्रसार करने वाले एक विशेष धर्म के लोगों के एक विशिष्ट वर्ग को डराने-धमकाने का प्रयास है।’

उन्होंने आरोप लगाया कि यह जानकारी इकट्ठा करना भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) द्वारा मस्जिदों पर नियंत्रण करने का एक प्रयास प्रतीत होता है।

सांसद ने कहा, ‘ऐसा लगता है कि इमामों को भाजपा द्वारा अनुमोदित या शायद आरएसएस द्वारा भेजे गए उपदेश देने के लिए कहा जाएगा।’

भाषा

शुभम वैभव

वैभव


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