सशस्त्र बलों पर सवाल उठाने वाली टिप्पणियों से सैनिकों की भावनाएं आहत होती हैं: राज्यपाल आर्लेकर

सशस्त्र बलों पर सवाल उठाने वाली टिप्पणियों से सैनिकों की भावनाएं आहत होती हैं: राज्यपाल आर्लेकर

सशस्त्र बलों पर सवाल उठाने वाली टिप्पणियों से सैनिकों की भावनाएं आहत होती हैं: राज्यपाल आर्लेकर
Modified Date: August 27, 2026 / 06:32 pm IST
Published Date: August 27, 2026 6:32 pm IST

पणजी, 27 अगस्त (भाषा) केरल और तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र आर्लेकर ने बृहस्पतिवार को कहा कि सशस्त्र बलों के योगदान पर सवाल उठाने वाली टिप्पणियों से सैनिकों की भावनाएं आहत होती हैं और यह इस बात को दर्शाता है कि समाज देश की सेवा करने वालों के साथ कैसा व्यवहार करता है।

यहां रक्षाबंधन पर्व से पहले आयोजित ‘एक राखी सैनिकों के लिए’ कार्यक्रम में आर्लेकर ने जम्मू कश्मीर की एक हालिया घटना का जिक्र किया, जहां एक महिला को सशस्त्र बलों के जवानों के साथ बहस करते और यह कहते देखा गया था कि ‘आपको हमारे कर से वेतन मिलता है।’

उन्होंने कहा कि इस तरह की टिप्पणियां सशस्त्र बलों को ठेस पहुंचाती हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को सैनिकों द्वारा दिए गए बलिदानों के लिए उनका आभारी होना चाहिए।

आर्लेकर ने कहा कि यह सशस्त्र बलों की मौजूदगी के कारण ही है कि युवा वर्ग सहित आम लोग जम्मू कश्मीर जैसी जगहों पर आज स्वतंत्र रूप से रह सकते हैं और अपने विचार व्यक्त कर सकते हैं।

उन्होंने कहा, ‘हमारे सशस्त्र बलों के बलिदानों को पहचानना और उनका सम्मान करना हमारा कर्तव्य है।’

राज्यपाल ने बताया कि ‘चैतन्य प्रतिष्ठान’ इस कार्यक्रम का आयोजन करता है, जिसके तहत सैनिकों के त्याग व समर्पण को सम्मान देने के प्रतीक के रूप में उन्हें राखियां भेजी जाती हैं।

इस अवसर पर गोवा के राज्यपाल पी. अशोक गजपति राजू भी मौजूद थे।

भाषा सुमित सुभाष

सुभाष


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