पुरी, 21 अप्रैल (भाषा) लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा गठित पीठासीन अधिकारियों की एक समिति ने मंगलवार को दलबदल विरोधी कानून के तहत विधायकों की अयोग्यता को नियंत्रित करने वाले संवैधानिक और प्रक्रियात्मक ढांचे की समीक्षा की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि ये विचार-विमर्श पुरी में पीठासीन अधिकारियों की समिति की दूसरी बैठक के दौरान हुए।
महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति का गठन जनवरी 2020 में संविधान की दसवीं अनुसूची और उसके तहत बनाए गए नियमों के तहत पीठासीन अधिकारियों की शक्तियों से संबंधित मुद्दों की जांच करने के लिए किया गया था।
अधिकारियों ने बताया कि विचार-विमर्श के आधार पर समिति द्वारा सभी राज्य विधानसभाओं के अध्यक्षों के लिए एक दिशानिर्देश तैयार किया जाएगा।
कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष यूटी खादर, नगालैंड के शेरिंगैन लोंगकुमेर और ओडिशा के सुरमा पाधी समिति के अन्य सदस्य हैं।
भाषा
शुभम रंजन
रंजन