कांग्रेस ने गोवा में खरगे की सुरक्षा में चूक का आरोप लगाया, प्राथमिकी दर्ज करने की मांग
कांग्रेस ने गोवा में खरगे की सुरक्षा में चूक का आरोप लगाया, प्राथमिकी दर्ज करने की मांग
पणजी, 19 अगस्त (भाषा) कांग्रेस ने बुधवार को कहा कि दो दिन पहले गोवा के डाबोलिम हवाई अड्डे के पास पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के काफिले के सामने भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया प्रदर्शन सुरक्षा में चूक के समान है। पार्टी ने इस सिलसिले में मामला दर्ज करने की मांग की है।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि जिस समय खरगे को ले जा रहा काफिला क्षेत्र से गुजर रहा था, उस समय भाजयुमो के प्रदर्शनकारियों ने अवरोधक तोड़ दिए, सड़क पर आ गए और लाउडस्पीकर का इस्तेमाल किया।
गोवा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (जीपीसीसी) ने कहा, ‘इन कथित गतिविधियों से कांग्रेस नेता की सुरक्षा से समझौता हो सकता था और काफिले में यात्रा कर रहे अन्य लोगों के लिए भी संभावित जोखिम पैदा हो सकता था।’
कांग्रेस ने इस संबंध में स्थानीय पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और सवाल उठाया है कि कथित सुरक्षा चूक के लिए अब तक कोई प्राथमिकी दर्ज क्यों नहीं की गई है।
दूसरी ओर, भाजयुमो की गोवा इकाई ने प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि कार्यकर्ता कांग्रेस नेताओं द्वारा ‘वंदे मातरम्’ के कथित अपमान को लेकर युवाओं के गुस्से को उजागर करना चाहते थे।
यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए गोवा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (जीपीसीसी) के प्रवक्ता अमित पालेकर ने गोवा पुलिस से यह स्पष्टीकरण मांगा कि अति-सुरक्षित काफिले के ठीक आसपास प्रदर्शन करने की अनुमति कैसे दी गई।
पालेकर ने कहा, ‘‘सुरक्षा मानकों को बिना किसी राजनीतिक भेदभाव के समान रूप से लागू किया जाना चाहिए, विशेष रूप से तब जब किसी सुरक्षा प्राप्त व्यक्ति की सुरक्षा का मामला हो।’’
गोवा प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष अर्चित नाइक ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि राजनीतिक मतभेद किसी व्यक्ति की सुरक्षा को खतरे में डालने वाले कृत्यों को कभी सही नहीं ठहरा सकते।
उन्होंने निष्पक्ष जांच और सुरक्षा व्यवस्था का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
वहीं, गोवा भाजयुमो के अध्यक्ष तुषार केलकर ने कहा कि प्रदर्शन लोकतांत्रिक तरीके से किया गया था।
उन्होंने कहा, ‘हम खरगे को यह संदेश देना चाहते थे कि कांग्रेस का राष्ट्रविरोधी व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।’
भाषा सुमित संतोष
संतोष

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