कांग्रेस ने मध्य प्रदेश के लिए 144 उम्मीदवार घोषित किए, छिंदवाड़ा से कमलनाथ लड़ेंगे चुनाव

कांग्रेस ने मध्य प्रदेश के लिए 144 उम्मीदवार घोषित किए, छिंदवाड़ा से कमलनाथ लड़ेंगे चुनाव

कांग्रेस ने मध्य प्रदेश के लिए 144 उम्मीदवार घोषित किए, छिंदवाड़ा से कमलनाथ लड़ेंगे चुनाव
Modified Date: October 15, 2023 / 09:52 am IST
Published Date: October 15, 2023 9:52 am IST

नयी दिल्ली, 15 अक्टूबर (भाषा) कांग्रेस ने मध्य प्रदेश विधानसभा की 144 सीटों के लिए रविवार को उम्मीदवार घोषित किए, जिसमें प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कमलनाथ, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह और कई अन्य वरिष्ठ नेताओं के नाम शामिल हैं।

नवरात्रि के पहले दिन कांग्रेस की ओर से जारी सूची के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ छिंदवाड़ा विधानसभा क्षेत्र से ही चुनाव लड़ेंगे। वर्तमान में भी वह इसी सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं।

वहीं, मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह को भी उनके वर्तमान विधानसभा क्षेत्र लहार से उम्मीदवार बनाया गया है। कांग्रेस कार्य समिति के सदस्य कमलेश्वर पटेल को सिहावल, पूर्व मंत्री जीतू पटवारी को राउ और उमंग सिंघार को गंधवानी से टिकट दिया गया है।

गत 13 अक्टूबर को कांग्रेस केंद्रीय चुनाव समिति ने बैठक कर उम्मीदवारों के नामों पर मुहर लगाई थी। बैठक के बाद कमलनाथ ने कहा था कि श्राद्ध खत्म होने के साथ ही नवरात्रि के पहले दिन उम्मीदवारों की पहली सूची घोषित की जाएगी।

प्रदेश में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अब तक 136 सीट पर अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर चुकी है। उसने केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, प्रह्लाद सिंह पटेल और फग्गन सिंह कुलस्ते तथा पार्टी के कई अन्य सांसदों को मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार बनाया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान विदिशा जिले के बुधनी से किस्मत आजमाएंगे।

मध्य प्रदेश की 230 सदस्यीय विधानसभा के आगामी चुनाव के लिए 17 नवंबर को मतदान होगा, जबकि मतों की गिनती तीन दिसंबर को की जाएगी।

वर्ष 2018 में हुए पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 230 सदस्यीय विधानसभा में 114 सीटें जीती थीं और गठबंधन सरकार बनाई थी। भाजपा को इस चुनाव में 109 सीटें हासिल हुई थीं।

हालांकि, ज्योतिरादित्य सिंधिया के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों के एक गुट के विद्रोह के चलते कमलनाथ अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर सके और मार्च 2020 में उनके नेतृत्व वाली सरकार गिर गई। सिंधिया गुट के विधायकों के समर्थन से बाद में भाजपा सत्ता में लौटी और शिवराज सिंह चौहान चौथी बार मुख्यमंत्री बने।

भाषा

हक

हक पारुल

पारुल


लेखक के बारे में