अपने ‘परिवार की संपत्तियों, विदेशों में स्थित कंपनियों’ के बारे में तीन सवाल के जवाब दें हिमंत: कांग्रेस
अपने ‘परिवार की संपत्तियों, विदेशों में स्थित कंपनियों’ के बारे में तीन सवाल के जवाब दें हिमंत: कांग्रेस
गुवाहाटी, पांच अप्रैल (भाषा) कांग्रेस नेताओं पवन खेड़ा और गौरव गोगोई ने रविवार शाम असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा से इस संबंध में तीन सवालों के जवाब देने को कहा कि क्या उनके परिवार की विदेशों में संपत्तियां और कंपनियां हैं।
इससे पहले, शर्मा ने रविवार को कहा था कि वह और उनकी पत्नी पवन खेड़ा के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे, जिन्होंने उन पर “झूठे आरोप” लगाए हैं कि उनके पास कई पासपोर्ट हैं और दुबई में संपत्तियां हैं तथा उनका उल्लेख उनके चुनावी हलफनामे में नहीं किया गया था।
खेड़ा ने ये आरोप असम में नौ अप्रैल को मतदान होने से ठीक चार दिन पहले रविवार को नयी दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान लगाए थे।
कांग्रेस नेताओं ने शाम को गुवाहाटी में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए असम के मुख्यमंत्री से तीन सवाल पूछे: क्या उनकी पत्नी या परिवार के पास दुबई में संपत्ति है, क्या उनकी अमेरिका के व्योमिंग में कंपनियां हैं, या क्या उनकी पूंजी मुखौटा कंपनियों में है।
गोगोई और खेड़ा ने मांग की कि शर्मा भारत के निर्वाचन आयोग को दुबई में अपनी पत्नी की कथित संपत्ति, व्योमिंग स्थित कंपनी और मुखौटा कंपनियों में लगाई गई संपत्तियों के संबंध में एक हलफनामा प्रदान करें।
गोगोई ने कहा कि शर्मा ने उन पर पाकिस्तान में अपनी पत्नी के कथित बैंक खातों का खुलासा न करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं भगवद्गीता पर हाथ रखकर कह सकता हूं कि यह सच नहीं है, लेकिन क्या वह ऐसा कर सकते हैं?’’
हालांकि, खेड़ा ने आरोप लगाया कि शर्मा शायद ‘‘गीता पर हाथ रख कर भी सच नहीं बोलेंगे, क्योंकि मुझे नहीं लगता कि वह वास्तव में धार्मिक हैं और हम चाहते हैं कि वह इन संपत्तियों के बारे में शपथपत्र दें, जिनका उल्लेख उन्होंने नामांकन दाखिल करते समय नहीं किया।’’
पार्टी ने यह भी मांग की कि केंद्र इन आरोपों – एक से अधिक पासपोर्ट, विदेशों में अघोषित परिसंपत्तियां और विदेशी संस्थाओं में धन के स्रोत – की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करे।
पार्टी ने कहा कि निर्वाचन आयोग को भी विदेशों में कथित अघोषित परिसंपत्तियों की जांच करनी चाहिए और उचित कार्रवाई करनी चाहिए।
खेड़ा के खिलाफ मानहानि का मामला दायर करने की शर्मा की धमकी के बारे में नेताओं ने कहा कि यह कोई नयी बात नहीं है, क्योंकि जब भी उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं, वह मानहानि के कई मामले दायर करते रहे हैं जिनमें गोगोई के खिलाफ दायर मामला भी शामिल है।
उन्होंने कहा, ‘‘हम चाहते हैं कि वह अदालत जाएं, फिर हम सच्चाई साबित करने के लिए बोरी भर दस्तावेज लेकर आएंगे। हम उन्हें चुनौती देते हैं कि वह आज ही अदालत जाएं; कल तक इंतजार क्यों करें?’’
शर्मा और उनकी पत्नी ने उन पर लगाए गए इन आरोपों को खारिज कर दिया।
असम में नौ अप्रैल को मतदान होने से ठीक चार दिन पहले खेड़ा ने नयी दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया था कि शर्मा की पत्नी के पास संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), एंटीगुआ-बारबुडा और मिस्र के तीन पासपोर्ट हैं, जो क्रमशः मार्च 2027, अगस्त 2031 और फरवरी 2029 में समाप्त हो रहे हैं।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के प्रवक्ता से जब पूछा गया कि ये आरोप विधानसभा चुनाव से महज चार दिन पहले ही क्यों लगाए गए, तो उन्होंने यहां कहा, ‘‘हमारे पास पहले भी जानकारी थी, लेकिन तथ्यों की जांच जरूरी थी….।’’
संवाददाता सम्मेलन में मौजूद छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री ने टिप्पणी की थी, ‘ना खाऊंगा और ना खाने दूंगा।’ अब हमें देखना है कि वह इस पर क्या कदम उठाते हैं।’’
इससे पहले, शर्मा ने दावा किया कि खेड़ा द्वारा साझा किए गए दस्तावेजों में ‘गंभीर विसंगतियां’ थीं, जो यह संकेत देती हैं कि यह “डिजिटल हेरफेर का एक घटिया और खराब प्रयास” था।
मुख्यमंत्री ने खेड़ा द्वारा प्रसारित दस्तावेजों में पाई गई “विसंगतियों” को सूचीबद्ध करते हुए ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा: “कांग्रेस के दुष्प्रचार का भंडाफोड़ – गंभीर विसंगतियां उजागर हुईं। प्रसारित किए जा रहे दस्तावेजों में कई स्पष्ट विसंगतियां हैं, जो डिजिटल हेरफेर के एक घटिया और खराब ढंग से किए गए प्रयास का संकेत देती हैं।”
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने उनकी पत्नी के आधिकारिक उपनाम ‘शर्मा’ के बजाय ‘सरमा’ का इस्तेमाल किया।
मुख्यमंत्री ने कहा, “यह तस्वीर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध छवि प्रतीत होती है, न कि मानक बायोमेट्रिक कैप्चर।”
उन्होंने कहा कि कथित यूएई पासपोर्ट में, मशीन रीडेबल ज़ोन (एमआरजेड) में दिखाया गया देश कोड एक अलग देश कोड को दर्शाता है, जबकि आईडी अनुक्रम असंगत था।
उन्होंने कहा कि एंटीगुआ और बारबुडा के पासपोर्ट में ‘मुद्रित क्षेत्र और एमआरजेड के बीच समाप्ति तिथि में विसंगति’ है।
उन्होंने कहा, “इसमें वर्तनी की गलतियां और अरबी भाषा के गलत संदर्भ भी हैं।”
शर्मा ने कहा कि स्वामित्व दस्तावेज का क्यूआर कोड अमान्य प्रतीत होता है और किसी भी प्रामाणिक रिकॉर्ड से नहीं जुड़ता है।
मुख्यमंत्री ने कहा, “ये विसंगतियां स्पष्ट रूप से मनगढ़ंत कहानी या डिजिटल हेरफेर की ओर इशारा करती हैं। सच्चाई की जीत होगी। गलत सूचना फैलाने वालों को जवाबदेह ठहराया जाएगा।”
शर्मा ने जोर देकर कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि खेड़ा का “झूठ का अभियान” अब समाप्त होने वाला है और अंततः वह जेल जाएंगे।
भाषा सिम्मी प्रशांत
प्रशांत

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