कांग्रेस ने ‘विचार, विचारधारा, आदर्श’ खो दिए हैं : शिवराज

कांग्रेस ने ‘विचार, विचारधारा, आदर्श’ खो दिए हैं : शिवराज

कांग्रेस ने ‘विचार, विचारधारा, आदर्श’ खो दिए हैं : शिवराज
Modified Date: January 22, 2026 / 09:26 pm IST
Published Date: January 22, 2026 9:26 pm IST

(तस्वीरों के साथ)

बेंगलुरु, 22 जनवरी (भाषा) केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बृहस्पतिवार को कांग्रेस पर कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत का अपमान करने का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्षी दल ने अपने “विचार, विचारधारा और आदर्श” खो दिए हैं।

शिवराज ने कांग्रेस पर भ्रष्टाचार, खराब शासन और लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने पार्टी पर ‘विकसित भारत-रोजगार गारंटी और आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ (वीबी-जी राम जी) अधिनियम पर बेवजह हंगामा करने का आरोप लगाते हुए इसे लेकर जताई जा रही आशंकाओं को भी दूर करने की कोशिश की।

शिवराज ने कर्नाटक विधानमंडल के संयुक्त सत्र में कैबिनेट की ओर से अनुमोदित भाषण पढ़ने से इनकार करने के गहलोत के कदम की आलोचना करने के लिए कांग्रेस पर निशाना साधा।

गहलोत ने कैबिनेट की ओर से अनुमोदित भाषण की केवल पहली दो पंक्तियां और आखिरी पंक्ति पढ़ी। इस भाषण में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को ‘वीबी-जी राम जी’ अधिनियम से बदले जाने के लिए केंद्र सरकार की आलोचना की गई थी।

बेंगलुरु में संवाददाताओं से मुखातिब शिवराज ने कहा कि कर्नाटक में विकास ठप हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अब जन कल्याण या महात्मा गांधी के आदर्शों में विश्वास नहीं करती है।

कर्नाटक विधानमंडल के संयुक्त सत्र में राज्यपाल के संबोधन में व्यवधान पैदा किए जाने की निंदा करते हुए शिवराज ने कहा कि इससे लोकतांत्रिक परंपराओं और संविधान को नुकसान पहुंचा है।

उन्होंने कहा, “कांग्रेस ने अपने विचार, विचारधारा और आदर्श, तीनों खो दिए हैं। कर्नाटक विधानसभा में आज जो कुछ हुआ है, उसने लोकतांत्रिक आदर्शों को समाप्त कर दिया है और संविधान को नुकसान पहुंचाया है।”

शिवराज ने ऑडिट के निष्कर्षों और निरीक्षण रिपोर्ट का हवाला देते हुए कर्नाटक में मनरेगा के कार्यान्वयन में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, “कांग्रेस आज झूठ की मशीन, भ्रम की दुकान और अफवाहों का बाजार बन चुकी है। सामाजिक ऑडिट में 1.33 लाख अनियमितताएं सामने आई हैं और हजारों मामलों में सिफारिशों के बावजूद वसूली नहीं की गई है। यह मैं नहीं कह रहा हूं, बल्कि कैग की रिपोर्ट में ऐसा कहा गया है।”

भाषा पारुल माधव

माधव


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