सोनिया, राहुल के खिलाफ आरोपपत्र पर कांग्रेस ने किया देशव्यापी प्रदर्शन, प्रधानमंत्री पर निशाना साधा
सोनिया, राहुल के खिलाफ आरोपपत्र पर कांग्रेस ने किया देशव्यापी प्रदर्शन, प्रधानमंत्री पर निशाना साधा
नयी दिल्ली, 16 अप्रैल (भाषा) कांग्रेस ने ‘नेशनल हेराल्ड’ मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पार्टी के शीर्ष नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किए जाने के विरोध में बुधवार को देशव्यापी स्तर पर प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार पर प्रतिशोध की राजनीति करने का आरोप लगाया।
मुख्य विपक्षी दल ने यह आरोप भी लगाया कि कि उसके शीर्ष नेताओं के खिलाफ प्रतिशोध की इस कार्रवाई के ‘सूत्रधार’ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह हैं।
पार्टी के कई नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता बुधवार को सुबह ही पार्टी के पुराने मुख्यालय 24 अकबर रोड पहुंच गए और अपने नेताओं के पक्ष में तथा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
उन्होंने ‘‘सोनिया गांधी जिंदाबाद’’, ‘‘राहुल गांधी जिंदाबाद’’, ‘‘तानाशाही नहीं चलेगी’’ और ‘‘मोदी-शाह जवाब दो’’ के नारे लगाए।
कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था और अवरोधक लगाए गए थे। पुलिस ने दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव सहित कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
प्रदर्शनकारी कांग्रेस के झंडे और तख्तियां लेकर पहुंचे थे। इन तख्तियों पर ‘‘डरो मत’’, ‘‘पूरा देश आपके साथ है’’ ‘‘ईडी के दम पर ये सरकार नहीं चलेगी’’ जैसे नारे लिखे हुए थे।
प्रदर्शन में कई कांग्रेस सांसद, कार्यकर्ता और भारतीय युवा कांग्रेस तथा भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) जैसे कांग्रेस के संगठनों के सदस्य शामिल हुए।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि भाजपा जानबूझकर और बदले की भावना से एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘हम इस झूठे मामले के खिलाफ़ लड़ेंगे। हम अंग्रेज़ों से नहीं डरे, तो भाजपा-आरएसएस क्या चीज़ हैं।’’
पार्टी के पुराने मुख्यालय पर नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ ही कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश और वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने संवाददाता सम्मेलन के माध्यम से सरकार को निशाने पर लिया।
पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘पिछले दो दिन से प्रतिशोध, उत्पीड़न और धमकी देने की राजनीति जारी है। कांग्रेस नेतृत्व खासतौर पर कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी को जानबूझकर निशाना बनाया गया।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि जनता के मुद्दों, विदेश नीति और आर्थिक संकट से ध्यान हटाने के लिए यह सब किया जा रहा है।
रमेश ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का संदर्भ देते हुए कहा कि इस प्रतिशोध की राजनीति के सूत्रधार दो व्यक्ति हैं।
उन्होंने कहा कि ‘मेक इन इंडिया’ विफल हो गया तो अब ‘फेक इन इंडिया’ के जरिए फर्जी विमर्श गढ़ा जा रहा है।
रमेश ने कहा, ‘‘हमें चुप नहीं किया जा सकता। हम जनता के मुद्दे उठाते रहेंगे।’’
पार्टी के वरिष्ठ नेता और अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी ने कहा कि यह इतना अजीबो गरीब मामला है कि एक रुपये का लेनदेन नहीं हुआ, लेकिन धनशोधन का आरोप लगा दिया गया।
उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि यह मामला तो दुनिया का आठवां अजूबा है।
सिंघवी ने कहा, ‘‘कानूनी तौर पर यह मामला एक अजूबा है। यह मामला कानून को विकृत करने की एक प्रक्रिया है। साथ ही प्रतिशोध और प्रताड़ित करने की राजनीति दिखाता है। आंकड़ों को देखें तो अगर ईडी के 100 मामले हैं तो उनमें से करीब 98 प्रतिशत मामले राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों खासकर विपक्ष के लोगों पर हैं और इसमें भी दोषसिद्धि की दर एक प्रतिशत के करीब है।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने ईडी को अपना ‘‘इलेक्टशन डिपार्टमेंट’’ बना रखा है।
इस मुद्दे पर कांग्रेस की प्रदेश इकाइयों ने भी विरोध प्रदर्शन किया।
कांग्रेस की मध्यप्रदेश इकाई के शीर्ष नेताओं ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किए जाने को लेकर प्रदर्शन किया और इसे गांधी परिवार की छवि खराब करने का ‘राजनीतिक षडयंत्र’ करार दिया।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में शांति नगर स्थित ईडी कार्यालय के सामने बुधवार को बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किया।
कांग्रेस की बिहार इकाई के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पटना में ईडी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।
राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, तमिलनाडु और देश के दूसरे राज्यों में भी कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
ईडी ने नेशनल हेराल्ड मामले में धनशोधन के आरोप में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी और अन्य के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है।
विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने नौ अप्रैल को दाखिल आरोपपत्र के महत्वपूर्ण बिंदुओं पर पड़ताल की और सुनवाई की अगली तारीख 25 अप्रैल निर्धारित की।
भाषा हक हक नेत्रपाल
नेत्रपाल

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