नयी दिल्ली, 26 नवंबर (भाषा) कांग्रेस की दिल्ली इकाई के कई वरिष्ठ नेता वायु प्रदूषण की भयावह स्थिति को लेकर अपना विरोध दर्ज कराते हुए बुधवार को मॉस्क पहनकर और ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर एक संवाददाता सम्मेलन में पहुंचे तथा दिल्ली की भारतीय जनता पार्टी सरकार से आह्वान किया कि वह शहर को इस ‘‘स्वास्थ्य आपातकाल’’ से बाहर निकाले।
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव, पार्टी के दिल्ली प्रभारी काजी निजामुद्दीन, पूर्व मंत्री हारून यूसुफ और कई नेताओं ने इस अनोखे अंदाज में विरोध दर्ज कराया।
उन्होंने बाद में दिल्ली सचिवालय पहुंचकर प्रदर्शन किया और सरकार को ज्ञापन सौंपा।
राष्ट्रीय राजधानी में बुधवार सुबह वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 335 दर्ज किया गया जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है।
दिल्ली पिछले कई दिनों से लगातार खराब वायु गुणवत्ता से जूझ रही है।
देवेंद्र यादव ने कहा कि वे प्रदूषण की स्थिति पर दिल्ली सरकार को एक ज्ञापन सौंपेंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘जैसा कि आप सभी देख सकते हैं, हमारे नेता यहां ऑक्सीजन सिलेंडर के साथ बैठे हैं। यह अभी के लिए प्रतीकात्मक है, लेकिन दिल्ली जिस स्थिति में है, वह दिन ज्यादा दूर नहीं है जब हर कोई जीवित रहने के लिए अपने साथ ऑक्सीजन सिलेंडर रखेगा।’’
दिल्ली में निर्माण श्रमिकों की स्थिति का उल्लेख कतरे हुए यादव ने कहा, ‘जीआरएपी का तीसरा चरण लागू होते ही, निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया जाता है। एक तरफ, वे प्रदूषण से जूझ रहे हैं और फिर उन पर अपनी दैनिक मजदूरी खोने का अतिरिक्त दबाव है।’’
उन्होंने कहा कि अस्पताल सांस की बीमारियों से जूझ रहे लोगों से भरे हुए हैं।
यादव ने कहा कि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण के स्तर को कम करने का वादा किया था।
उन्होंने दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित की उपलब्धियों को याद किया और कहा कि उनके कार्यकाल के दौरान सरकार ने पर्यावरण संबंधी मुद्दों पर नियंत्रण किया था।
यादव ने आरोप लगाया कि दिल्ली सचिवालय में मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेताओं से मुलाकात नहीं की और पार्टी को अपना ज्ञापन पर्यावरण सचिव को देना पड़ा।
भाषा हक हक संतोष
संतोष