असम विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने पार्टी से इस्तीफा दिया
असम विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने पार्टी से इस्तीफा दिया
गुवाहाटी, 17 मार्च (भाषा) असम में विधानसभा चुनाव से महज 20 दिन पहले कांग्रेस को झटका देते हुए लोकसभा सदस्य प्रद्युत बोरदोलोई ने मंगलवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया।
कांग्रेस की प्रदेश इकाई में मीडिया विभाग के अध्यक्ष बेदब्रत बोरा ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि बोरदोलोई ने अपना इस्तीफा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को भेजा है।
नगांव लोकसभा क्षेत्र से दो बार सांसद रह चुके बोरदोलोई के पुत्र नौ अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव में मार्गेरिटा सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार हैं।
खरगे को संबोधित एक पंक्ति के अपने त्यागपत्र में सांसद ने कहा, “भरे मन से, मैं कांग्रेस के सभी पदों, विशेषाधिकारों और प्राथमिक सदस्यता से अपना इस्तीफा देता हूं।”
त्यागपत्र की प्रति ‘पीटीआई-भाषा’ के पास उपलब्ध है।
बोरा ने बताया कि कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष गौरव गोगोई और असम के प्रभारी कांग्रेस महासचिव जितेंद्र सिंह इस मुद्दे पर राष्ट्रीय राजधानी में बोरदोलोई से मुलाकात कर रहे हैं।
बोरा ने कहा, “वे बोरदोलोई के साथ बैठक कर रहे हैं। चर्चा के विवरण की अभी प्रतीक्षा है।”
असम से कांग्रेस के तीन लोकसभा सदस्य हैं -प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई (जोरहाट), प्रद्युत बोरदोलोई (नगांव) और रकीबुल हुसैन (धुबड़ी)।
कॉटन कॉलेज (अब विश्वविद्यालय) और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र बोरदोलोई 2016 तक मार्गेरिटा विधानसभा क्षेत्र से चार बार विधायक रहे हैं। वह छात्र जीवन से ही एनएसयूआई की प्रदेश इकाई से जुड़े रहे। विधानसभा चुनाव के लिए वह पार्टी की घोषणापत्र समिति के अध्यक्ष भी रहे।
उनका इस्तीफा असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) के पूर्व अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा के पार्टी छोड़कर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने के लगभग एक महीने बाद आया है।
इस बीच, एपीसीसी के एक अन्य वरिष्ठ नेता और बोरदोलोई के करीबी सहयोगी नवज्योति तालुकदार ने भी मंगलवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, गुवाहाटी सेंट्रल सीट से टिकट के दावेदार रहे तालुकदार ने उस सीट के लिए किसी अन्य व्यक्ति को उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद यह कदम उठाया।
बोरदोलोई ने हाल में असम के प्रभारी एआईसीसी महासचिव जितेंद्र सिंह को पत्र लिखकर कहा था कि यदि लाहौरीघाट के मौजूदा विधायक आसिफ मोहम्मद नजर को विधानसभा चुनाव के लिए दोबारा उम्मीदवार बनाया गया, तो वे पार्टी से इस्तीफा दे सकते हैं।
सांसद ने पत्र में आरोप लगाया था कि नजर के करीबी सहयोगी इमदादुल इस्लाम अप्रैल 2025 में बोरदोलोई और अन्य पार्टी नेताओं पर हुए हमले में शामिल थे और इस मामले में पुलिस ने उनके खिलाफ आरोपपत्र भी दाखिल किया है।
भाषा खारी नेत्रपाल
नेत्रपाल

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