कोच्चि (केरल), 21 मार्च (भाषा) कांग्रेस नेता वी डी सतीशन ने शनिवार को इस बात पर सहमति जतायी कि आगामी विधानसभा चुनावों में महिलाओं को अधिक सीट दी जानी चाहिए थी।
केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता ने कहा कि पार्टी विधानसभा चुनावों में महिलाओं को अधिक सीट देना चाहती थी।
उन्होंने परवूर में पत्रकारों से कहा, ‘‘हम अधिक सीट देना चाहते थे। मैं भी इससे संतुष्ट नहीं हूं। दी गई सीट पर्याप्त नहीं हैं।’’
उनकी यह प्रतिक्रिया कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता शमा मोहम्मद द्वारा आगामी नौ अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी की उम्मीदवार सूची में महिलाओं के कम प्रतिनिधित्व पर असंतोष व्यक्त करने के एक दिन बाद आयी है।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के पूर्व नेता जी. सुधाकरण को संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के समर्थन से जुड़े प्रश्नों के संबंध में विपक्ष के नेता ने कहा कि वह वामपंथी नेता का बहुत सम्मान करते हैं, जो सरकार में रहते हुए एक ‘‘निष्पक्ष मंत्री’’ थे।
सतीशन ने कहा, ‘‘वह (सुधाकरन) झूठ नहीं बोलते। वह एक निष्पक्ष मंत्री थे। उन्होंने सभी विधायकों को समान रूप से धनराशि वितरित की। मैं आज भी उनका सम्मान करता हूं। उन्होंने एक फैसला लिया और उसके बाद हमने राजनीतिक रूप से उनका समर्थन किया।’’
उन्होंने यह भी कहा कि वह पूर्व विधायक एवं कांग्रेस नेता जोसेफ वझक्कन के बहुत ऋणी हैं, जो उन्हें मुख्यधारा की राजनीति में वापस लेकर आए।
वझक्कन ने शुक्रवार को अंतिम क्षण में सीट न मिलने पर निराशा व्यक्त की थी क्योंकि उन्होंने चुनाव लड़ने की तैयारी में चुनावी पोस्टर और बैनर छपवा लिए थे।
हालांकि, उन्होंने कहा कि टिकट न मिलने के बावजूद वह पार्टी के प्रति प्रतिबद्ध रहेंगे।
वझक्कन ने बताया कि एट्टुमन्नूर निर्वाचन क्षेत्र से उनके नाम पर विचार किया जा रहा था। लेकिन बृहस्पतिवार को कांग्रेस ने जिला इकाई के अध्यक्ष नट्टाकोम सुरेश को इस सीट से चुनाव मैदान में उतारने का फैसला किया।
सतीशन ने पत्रकारों से यह भी कहा कि किसी भी कांग्रेस नेता के नाम पर पोस्टर लगाने में कुछ भी गलत नहीं है।
राज्य के कई स्थानों पर के.सी. वेणुगोपाल के पोस्टर लगाए जाने के बारे में पत्रकारों के सवालों पर सतीशन ने कहा, ‘‘हमें इससे कोई आपत्ति नहीं है क्योंकि कांग्रेस टीम एकजुट है। मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार का पहले ही फैसला हो चुका है। यह माकपा का दुष्प्रचार है कि कांग्रेस में गतिरोध हैं, पार्टी में कोई समस्या नहीं है।’’
भाषा गोला खारी
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