जयपुर, 27 सितंबर (भाषा) राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को कांग्रेस पर चुनावी हार छिपाने के लिए निर्वाचन आयोग जैसे संवैधानिक संस्थान की छवि धूमिल करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को गंभीर आरोप लगाने से पहले आरोपों के समर्थन में तथ्य और दस्तावेज पेश करने चाहिए।
भाजपा कार्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए शर्मा ने कहा कि कांग्रेस और विपक्षी दल पिछले चार-पांच दिन से निर्वाचन आयोग पर सवाल उठाकर अपनी चुनावी हार छिपाने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक असहमति लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाते समय दावों का आधार स्पष्ट होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस से सवाल किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर निर्वाचन आयोग में कथित मतभेद का क्या प्रमाण है और कैबिनेट सचिव को भेजे गए पत्र को एसआईआर से जोड़ने का आधार क्या है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने आयोग में मतभेद का ‘‘झूठा माहौल’’ बनाकर जनता को भ्रमित करने की कोशिश की।
शर्मा ने निर्वाचन आयोग के शनिवार के बयान का हवाला देते हुए कहा कि एसआईआर शुरू करने का आदेश तीनों चुनाव आयुक्तों की सर्वसम्मत मंजूरी से जारी किया गया था और उच्चतम न्यायालय ने भी इसे बरकरार रखा था।
उन्होंने कहा कि आयोग ने स्पष्ट किया है कि कैबिनेट सचिव को भेजा गया पत्र किसी नीतिगत मामले से नहीं, बल्कि प्रतिनियुक्ति पर तैनात एक अधिकारी के कामकाज से संबंधित था।
उन्होंने कांग्रेस से एसआईआर और फार्म-6 को लेकर लगाए गए आरोपों के समर्थन में दस्तावेज सार्वजनिक करने को कहा।
शर्मा ने कहा कि निर्वाचन आयोग ने एसआईआर के दौरान छूटे पात्र मतदाताओं को सूची में शामिल करने के लिए कदम उठाए हैं और ऐसे लोग निरंतर अद्यतन प्रक्रिया के तहत आवेदन कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनाव हारने के बाद तथ्यहीन आरोप लगाती है और अपनी जिम्मेदारी तय करने के बजाय संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाती है।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को आरोप लगाने के साथ उनके तथ्य और आधार भी सामने रखने चाहिए।
भाषा बाकोलिया रंजन जोहेब
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