चिंतन शिविर के निर्णयों के क्रियान्वयन के लिए अगले महीने प्रांत, जिला स्तर पर कांग्रेस की कार्यशाला

चिंतन शिविर के निर्णयों के क्रियान्वयन के लिए अगले महीने प्रांत, जिला स्तर पर कांग्रेस की कार्यशाला

चिंतन शिविर के निर्णयों के क्रियान्वयन के लिए अगले महीने प्रांत, जिला स्तर पर कांग्रेस की कार्यशाला
Modified Date: November 29, 2022 / 07:53 pm IST
Published Date: May 18, 2022 4:49 pm IST

नयी दिल्ली, 18 मई (भाषा) कांग्रेस चिंतन शिविर में हुए निर्णयों को जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए अगले महीने प्रांत एवं जिला के स्तर पर कार्यशालाओं का आयोजन करेगी।

पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला के अनुसार, कांग्रेस महासचिवों और प्रदेश प्रभारियों की यहां हुई दो दिवसीय बैठक में यह फैसला किया गया।

उन्होंने बताया, ‘‘पिछले दिनों में कांग्रेस के महासचिवों और प्रभारियों की बैठक हुई है। इसमें चिंतन शिविर में दिए गए मार्गदर्शन और निर्णयों पर मंथन किया है। पहली और दूसरी जून को प्रभारी महासचिव और राज्य प्रभारी दो दिनों की राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन करेंगे जिसमें सांसद, विधायक और वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल होंगे।’’

सुरजेवाला ने कहा कि इन कार्यशालाओं में चिंतन शिविर से सामने आए बिंदुओं का जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन के लिए जरूरी दिशानिर्देश दिए जाएंगे।’’

उनके अनुसार, 11 जून को जिला कांग्रेस कमेटियां इसी तरह का एक दिवसीय शिविर लगाएंगी और निर्णयों के मंडल और ब्लॉक स्तर पर क्रियान्वयन को लेकर समयसीमा और मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि नौ अगस्त से 15 अगस्त के बीच कांग्रेस की हर जिला इकाई ‘आजादी गौरव यात्री’ निकालेगी।

सुरजेवाला ने बताया कि भारतीय युवा कांग्रेस और एनएसयूआई भी ‘रोजगार दो यात्रा’ निकालेंगे और इसका ब्यौरा जल्द सामने आएगा।

कांग्रेस ने 13-15 मई को उदयपुर में हुए चिंतन शिविर में ‘बडे सुधारों’ की घोषणा की थी और यह फैसला किया था कि इन सुधारों को आगे बढ़ाने के लिए पार्टी में एक समग्र कार्यबल का गठन किया जाएगा तथा ‘एक परिवार, एक टिकट’ का फार्मूला लागू होगा। इसके साथ यह शर्त भी जुड़ी होगी कि परिवार के किसी दूसरे सदस्य को टिकट तभी मिलेगा, जब उसने संगठन के लिए कम से कम पांच साल काम किया हो।

पार्टी ने अगले लोकसभा चुनाव से 50 प्रतिशत टिकट, 50 साल से कम उम्र के लोगों को दिए जाने तथा संगठन में हर स्तर पर 50 प्रतिशत स्थान युवाओं के लिए तय करने का भी फैसला किया है।

भाषा हक हक पवनेश

पवनेश


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