मजनू के टीला से पुराने रेलवे पुल तक बाढ़ सुरक्षा दीवार बनाने को मंजूरी : रेखा गुप्ता

मजनू के टीला से पुराने रेलवे पुल तक बाढ़ सुरक्षा दीवार बनाने को मंजूरी : रेखा गुप्ता

मजनू के टीला से पुराने रेलवे पुल तक बाढ़ सुरक्षा दीवार बनाने को मंजूरी : रेखा गुप्ता
Modified Date: April 14, 2026 / 05:46 pm IST
Published Date: April 14, 2026 5:46 pm IST

नयी दिल्ली, 14 अप्रैल (भाषा) दिल्ली सरकार ने हर साल बरसात के मौसम में यमुना नदी का जल स्तर बढ़ने पर पानी को रिंग रोड पर आने से रोकने के लिए यहां मजनू का टीला से लेकर पुराने रेलवे पुल तक 4.72 किलोमीटर लंबी सुरक्षा दीवार बनाने को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने मंगलवार को जारी एक बयान में यह जानकारी दी।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि यह दीवार न केवल यमुना नदी के पानी को रिहायशी इलाकों में घुसने से रोकेगी, बल्कि सिविल लाइंस, कश्मीरी गेट, यमुना बाजार और मजनू का टीला जैसे संवेदनशील क्षेत्रों के लिए एक अभेद्य सुरक्षा कवच का काम करेगी।

उन्होंने कहा कि दशकों से ऐसा होता आ रहा है कि जब भी यमुना में जलस्तर बढ़ता है तो मजनू का टीला और उसके आसपास के निचले इलाकों से ही पानी सबसे पहले राजधानी में प्रवेश करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1978 की भीषण बाढ़ से लेकर 2023 और वर्ष 2025 की बाढ़ तक, रिंग रोड का यह हिस्सा जलमग्न होने के कारण पूरी दिल्ली की रफ्तार रोक देता था।

गुप्ता के मुताबिक, इस परियोजना का तकनीकी आधार संयुक्त बाढ़ समिति द्वारा अगस्त 2024 में तैयार की गई रिपोर्ट है, जिसमें रिंग रोड के इस हिस्से पर मजबूत बाढ़ सुरक्षा दीवार के निर्माण को दीर्घकालिक समाधान बताया गया था।

उन्होंने बताया कि इसके मद्देनजर “सरकार ने बाढ़ से बचाने वाली दीवार के निर्माण को हरी झंडी दे दी है। इस परियोजना के अंतर्गत रिंग रोड के किनारे मजनू का टीला से पुराने रेलवे पुल (ओआरबी) तक लगभग 4.72 किलोमीटर लंबी मजबूत सुरक्षा दीवार बनाई जाएगी।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पूरी दीवार को 2027 के मानसून से पहले तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।

उन्होंने कहा कि यमुना के किनारे बनने वाली यह दीवार नदी और शहर के बीच एक मजबूत ढाल बनेगी, जिससे नदी का पानी सड़कों पर नहीं आएगा।

गुप्ता के मुताबिक, इस दीवार से नदी के किनारों को कटने से बचाया जा सकेगा, जिससे सड़कों और आसपास की इमारतों की नींव सुरक्षित रहेगी।

उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त यह दीवार नदी के किनारे अवैध रूप से कूड़ा फेंके जाने पर भी रोक लगाएगी। इससे यमुना नदी के पारिस्थितिकी तंत्र को संरक्षित करने में मदद मिलेगी।

भाषा नोमान

नोमान अविनाश

अविनाश


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