मणिपुर में हालात सामान्य होने तक जनगणना प्रक्रिया स्थगित करें : कांग्रेस
मणिपुर में हालात सामान्य होने तक जनगणना प्रक्रिया स्थगित करें : कांग्रेस
इंफाल, चार अप्रैल (भाषा) मणिपुर में कांग्रेस ने स्थिति के सामान्य होने और आतंरिक रूप से विस्थापित व्यक्ति (आईडीपी) के अपने घरों में वापस लौट जाने तक राज्य में जनगणना प्रक्रिया को स्थगित कर दिए जाने की शनिवार को मांग की।
कांग्रेस भवन में पार्टी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष ओकराम इबोबी सिंह ने प्रेसवार्ता में कहा कि जारी संघर्ष के बीच जनगणना कराने से ‘‘गलत और अविश्वसनीय आंकड़े’’ प्राप्त होंगे, क्योंकि हजारों लोग अब भी विस्थापित हैं।
सिंह ने कहा, ‘‘कांगपोकपी और चुराचांदपुर से विस्थापित हुए कई मेइती निवासी वर्तमान में इंफाल घाटी के राहत शिविरों में रह रहे हैं, जबकि इंफाल क्षेत्रों के कुकी समुदाय के लोग पहाड़ी क्षेत्रों में रह रहे हैं। जब तक वह अपने मूल स्थानों पर वापस नहीं लौट जाते, जनगणना प्रक्रिया को स्थगित कर देना चाहिए, अन्यथा आंकड़े गलत होंगे।’’
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्टी जनगणना का विरोध नहीं कर रही है, बल्कि सटीक आंकड़ों को बनाए रखने को लेकर चिंतित है।
सिंह, प्रदेश के तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘हम जनगणना प्रक्रिया पर आपत्ति नहीं उठा रहे हैं, लेकिन उचित डेटा और आंकड़े बनाए रखने को लेकर चिंतित हैं।’’
सिंह ने सवाल किया, ‘‘मोरेह, चुराचांदपुर और अन्य क्षेत्रों में जातीय संघर्ष के दौरान कई घर पूरी तरह से नष्ट हो जाने के दावे हैं। जनगणना के तहत ऐसे स्थानों पर घरों की सूची कैसे तैयार की जाएगी?’’
मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने हाल ही में कहा था कि राज्य सरकार स्वतंत्र और निष्पक्ष जनगणना सुनिश्चित करने के प्रयास कर रही है।
उनका यह बयान ऐसे समय आया जब अवैध अप्रवासियों की पहचान करने के लिए राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) या इसी तरह की कोई व्यवस्था लागू होने तक इस प्रक्रिया को स्थगित करने की सार्वजनिक मांगें बढ़ रही हैं।
राज्य सरकार ने पहले घोषणा की थी कि भारत की जनगणना 2027 के लिए घर-घर सूचीकरण अभियान एक से 30 सितंबर के बीच आयोजित किया जाएगा, जिसमें 17 से 31 अगस्त तक स्व-गणना का विकल्प भी होगा।
भाषा यासिर रंजन
रंजन

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