मानसिक गुलामी के दौर से बाहर निकल रहा है देश: त्रिवेदी

मानसिक गुलामी के दौर से बाहर निकल रहा है देश: त्रिवेदी

मानसिक गुलामी के दौर से बाहर निकल रहा है देश: त्रिवेदी
Modified Date: November 29, 2022 / 08:09 pm IST
Published Date: November 5, 2022 9:32 pm IST

जयपुर, पांच नवंबर (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने शनिवार को कहा कि देश अब मानसिक गुलामी के दौर से बाहर निकल रहा है और 2014 में आया परिवर्तन का दौर निरंतर जारी है।

वह यहां आजादी के अमृत काल के तहत आयोजित ‘जयपुर डायलॉग-2022’ को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा, ‘‘यह पहली बार है है जब बीते आठ वर्ष पाकिस्तान से कोई द्विपक्षीय बातचीत नहीं की गई है।’’

उन्होंने कहा,‘‘ सोने का हिरण नए नए रूप में सामने आ रहा है। हमें माया पर चढ़े आवरण को हटाना होगा और अपने अवचेतन से विष को निकालकर अमृत को ग्रहण करना होगा।’’

आयोजकों के एक बयान के अनुसार त्रिवेदी ने विभिन्न मंचों पर देश का मजाक बनाए जाने की आलोचना की। उन्होंने कहा,‘‘देश को मजाक का पात्र बनाया जा रहा है। उद्दंडता हावी है और अनुशासन का मजाक उड़ाया जाता है। यहां तक कि लोग देवी-देवताओं का अपमान करने से नहीं चूक रहे हैं। पिछले 50 वर्षों में फिल्मों में सिखों और सेना के जवानों का खुला उपहास किया गया जो आज भी जारी है।’’

उन्होंने कहा कि जहां भी दुनिया में ‘लेफ्ट लिबरल’ है, वहां उदारता नहीं है।

इससे पहले पूर्व आईएएस एवं जयपुर डायलॉग के चेयरमैन संजय दीक्षित ने आयोजन की जानकारी दी।

कार्यक्रम के दूसरे सत्र में वक्ता आनंद रंगनाथन ने वामपंथ पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा,‘‘ वे कहते हैं सभी धर्म एक समान है, लेकिन व्यवहार रूप में ऐसा नहीं मानते हैं।’’

भाषा पृथ्वी

राजकुमार

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