अदालत ने ‘फर्जी’ डिग्री मामले में विश्वविद्यालय के प्रवर्तकों को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया

अदालत ने ‘फर्जी’ डिग्री मामले में विश्वविद्यालय के प्रवर्तकों को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया

अदालत ने ‘फर्जी’ डिग्री मामले में विश्वविद्यालय के प्रवर्तकों को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया
Modified Date: January 3, 2026 / 01:51 pm IST
Published Date: January 3, 2026 1:51 pm IST

नयी दिल्ली, तीन जनवरी (भाषा) शिमला की विशेष धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) अदालत ने हिमाचल प्रदेश के कथित फर्जी डिग्री घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले में राज्य के एक निजी विश्वविद्यालय के दो प्रवर्तकों को भगोड़ा आर्थिक अपराधी (एफईओ) घोषित किया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अधिकारियों के अनुसार, भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम (एफईओए), 2018 के तहत मनदीप राणा और उसकी मां अशोनी कंवर के खिलाफ यह घोषणा की गई है।

उन्होंने बताया कि ये दोनों सोलन स्थित मानव भारती विश्वविद्यालय के प्रवर्तक हैं और कंवर का पति राजकुमार राणा विश्वविद्यालय का मुख्य प्रवर्तक है।

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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अनुसार, भगोड़ा घोषित किए गए दोनों आरोपी वर्तमान में ऑस्ट्रेलिया में रह रहे हैं।

अधिकारियों ने बताया कि ईडी ने दिसंबर 2022 में राजकुमार राणा और 15 अन्य के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। इसके बाद विशेष पीएमएलए अदालत ने जनवरी 2023 में मामले का संज्ञान लिया और अशोनी कंवर एवं मनदीप राणा को समन जारी किए।

एफईओए का उद्देश्य उन लोगों को कानून के दायरे में लाना है जो कम से कम 100 करोड़ रुपये के मूल्य की धोखाधड़ी करने के बाद कानून के शिकंजे से बचने के लिए भारत छोड़कर चले गए हैं।

शराब कारोबारी विजय माल्या और ब्रिटेन में रह रहे हथियार डीलर संजय भंडारी को पूर्व में भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया जा चुका है।

भाषा

सिम्मी नेत्रपाल

नेत्रपाल


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