अदालत ने संजय भंडारी की संपत्तियों को जब्त करने का निर्देश दिया
अदालत ने संजय भंडारी की संपत्तियों को जब्त करने का निर्देश दिया
नयी दिल्ली, पांच मई (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी की एक अदालत ने ब्रिटेन में रह रहे हथियार परामर्शदाता संजय भंडारी की कई संपत्तियों को भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम के तहत जब्त करने का मंगलवार को निर्देश दिया।
विशेष न्यायाधीश संजय जिंदल ने कहा कि पिछले वर्ष पांच जुलाई को भंडारी को धनशोधन मामले में भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया गया था, उसके बाद इस अदालत पर उससे जुड़ी संपत्तियों की जब्ती की आगे की कार्यवाही करने की जिम्मेदारी थी।
न्यायाधीश ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय द्वारा जब्त की जाने वाली संपत्तियां दो श्रेणियों में आती हैं।
उन्होंने कहा, “पहली श्रेणी में वे संपत्तियां शामिल हैं जिनके प्रतिवादी (भंडारी) के विशिष्ट नाम या नियंत्रण में होने का दावा किया जाता है। दूसरी श्रेणी में वे संपत्तियां शामिल हैं जो बेनामीदारों या प्रतिवादी के स्वामित्व वाली कंपनियों के पास बताई जाती हैं।”
न्यायाधीश ने इस बात पर जोर दिया कि अधिनियम के अनुसार, भले ही यह स्पष्ट रूप से स्थापित न हो कि कोई विशेष संपत्ति अपराध की आय का हिस्सा है, फिर भी यदि भगोड़े आर्थिक अपराधी का उसमें हित है तो उसे जब्त किया जा सकता है।
न्यायाधीश ने कहा, “इसलिए, प्रतिवादी द्वारा स्पष्ट खंडन न किए जाने और परोक्ष तौर पर स्वीकार किए जाने के आधार पर, यह कहा जा सकता है कि प्रवर्तन निदेशालय ने यह साबित करने का दायित्व सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है कि पहली श्रेणी (प्रतिवादी के नाम पर संपत्तियां) में आने वाली संपत्तियां, विदेशी अचल संपत्तियों और बैंक खातों को छोड़कर, जब्त की जा सकती हैं।’’
उन्होंने कहा कि विदेशी अचल संपत्तियों और बैंक खातों को जब्त करने से पहले आगे सत्यापन की आवश्यकता है।
दूसरी श्रेणी की संपत्तियों के संबंध में, जिनपर आरोप है कि भंडारी का परोक्ष स्वामित्व है, न्यायाधीश ने इस बात पर जोर दिया कि कानून के अनुसार इन संपत्तियों में रुचि रखने वाले लोगों को नोटिस भेजा जाना आवश्यक है, और ऐसे 16 लोगों को नोटिस भेजे जाने के बाद, भंडारी की पत्नी सोनिया और निहो रियल्टर्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड से जवाब प्राप्त हुए हैं।
उन्होंने कहा कि जिन संपत्तियों पर दो नोटिस प्राप्तकर्ताओं ने आपत्ति जताई है, उन्हें जब्ती आदेश पारित करने से पहले आगे विचार या सत्यापन की आवश्यकता है।
न्यायाधीश ने कहा कि शेष 14 नोटिस प्राप्तकर्ताओं ने नोटिस का जवाब नहीं दिया और उनकी ओर से कोई आपत्ति न होने के कारण, यह माना जा सकता है कि उक्त व्यक्तियों या संस्थाओं के माध्यम से भंडारी के पास बताई गई संपत्तियां वास्तव में उसी की हैं और इसलिए उन्हें बिना किसी और जांच के जब्त किया जा सकता है।
हालांकि, उन्होंने कहा, ‘वे संपत्तियां जो प्रतिवादी के अलावा अन्य व्यक्तियों या संस्थाओं के नाम पर हैं और जिनके लिए कोई नोटिस जारी नहीं किया गया है, उन्हें तुरंत जब्त नहीं किया जा सकता।’
न्यायाधीश ने कहा, ‘प्रवर्तन निदेशालय को ठोस सबूतों के साथ यह साबित करना होगा कि ये संपत्तियां अपराध की आय हैं या वास्तव में प्रतिवादी संजय भंडारी की हैं।’
भंडारी के भारत आने की संभावनाएं तब लगभग समाप्त हो गई, जब ब्रिटेन की एक अदालत द्वारा उसके प्रत्यर्पण के खिलाफ फैसला सुनाया गया।
आयकर विभाग द्वारा दिल्ली में उसके घर पर छापा मारने के तुरंत बाद, वह 2016 में लंदन भाग गया था।
प्रवर्तन निदेशालय ने भंडारी के खिलाफ पहला आरोपपत्र 2020 में दाखिल किया था।
एजेंसी कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाद्रा के व्यवसायी पति रॉबर्ट वाद्रा के साथ भंडारी के संबंधों की जांच कर रही है।
भाषा अमित सुरेश
सुरेश

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