न्यायालय ने पश्चिम बंगाल सरकार को अपने कर्मचारियों को डीए का भुगतान करने का निर्देश दिया

न्यायालय ने पश्चिम बंगाल सरकार को अपने कर्मचारियों को डीए का भुगतान करने का निर्देश दिया

न्यायालय ने पश्चिम बंगाल सरकार को अपने कर्मचारियों को डीए का भुगतान करने का निर्देश दिया
Modified Date: February 5, 2026 / 03:16 pm IST
Published Date: February 5, 2026 3:16 pm IST

नयी दिल्ली, पांच फरवरी (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को पश्चिम बंगाल सरकार को 2008 से 2019 की अवधि के लिए अपने कर्मचारियों को महंगाई भत्ते का भुगतान करने का निर्देश दिया।

न्यायालय ने यह निर्देश इस बात पर गौर करते हुए दिया कि महंगाई भत्ता कानूनी रूप से लागू करने योग्य अधिकार है।

न्यायमूर्ति संजय करोल और न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा की पीठ ने पश्चिम बंगाल सरकार को छह मार्च तक अपने कर्मचारियों को बकाया महंगाई भत्ते (डीए) का 25 प्रतिशत भुगतान करने का निर्देश दिया।

पीठ ने कहा, ‘‘महंगाई भत्ता प्राप्त करना पश्चिम बंगाल राज्य के प्रतिवादी-कर्मचारियों के पक्ष में प्राप्त एक कानूनी रूप से लागू करने योग्य अधिकार है… अपीलकर्ता-राज्य के कर्मचारी इस निर्णय के अनुसार वर्ष 2008-2019 की अवधि के लिए बकाया राशि के हकदार होंगे।’’

उच्चतम न्यायालय ने कहा कि महंगाई भत्ता राज्य में अपने कर्मचारियों को बढ़ती कीमतों के प्रतिकूल प्रभावों से बचाता है।

इसने कहा कि महंगाई भत्ता कोई अतिरिक्त लाभ नहीं है, बल्कि न्यूनतम जीवन स्तर बनाये रखने का एक साधन है।

इसने शामिल वित्तीय निहितार्थों को ध्यान में रखते हुए, इसने एक समिति का भी गठन किया जिसमें उच्चतम न्यायालय की पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति इंदु मल्होत्रा, उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश/न्यायाधीश – न्यायमूर्ति तरलोक सिंह चौहान और न्यायमूर्ति गौतम भादुरी और भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक या उनके द्वारा नामित उनके विभाग के सबसे वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।

न्यायालय ने कहा कि समिति के निर्णय के अधीन, पहली किस्त का भुगतान 31 मार्च, 2026 तक किया जाना चाहिए।

भाषा देवेंद्र शोभना

शोभना


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