अदालत ने हत्या आरोपी को ट्रांजिट रिमांड के बिना बिहार से गिरफ्तार करने पर हैरानी जतायी

अदालत ने हत्या आरोपी को ट्रांजिट रिमांड के बिना बिहार से गिरफ्तार करने पर हैरानी जतायी

अदालत ने हत्या आरोपी को ट्रांजिट रिमांड के बिना बिहार से गिरफ्तार करने पर हैरानी जतायी
Modified Date: May 3, 2026 / 07:34 pm IST
Published Date: May 3, 2026 7:34 pm IST

नयी दिल्ली, तीन मई (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने हत्या के एक आरोपी को ट्रांजिट रिमांड प्राप्त किए बिना दिल्ली पुलिस द्वारा बिहार से गिरफ्तार किए जाने पर हैरानी जतायी और कहा कि अपनायी गई प्रक्रिया कानूनी सुरक्षा उपायों को दरकिनार करने का प्रयास प्रतीत होती है।

न्यायिक मजिस्ट्रेट अपूर्व भारद्वाज दिल्ली पुलिस द्वारा दायर उस आवेदन पर सुनवाई कर रहे थे, जिसमें हत्या के मामले में बिहार के दरभंगा से गिरफ्तार मुकेश और अनिल की दो दिन की हिरासत का अनुरोध किया गया था।

न्यायिक मजिस्ट्रेट ने कहा, ‘‘जांच एजेंसी द्वारा अपनाई गई प्रक्रिया से मैं बेहद स्तब्ध हूं। ऐसा प्रतीत होता है कि आरोपी को बिहार में पकड़ा गया और ट्रांजिट रिमांड प्राप्त करने की प्रक्रिया से बचने के लिए उसे दिल्ली लाने तक उसकी गिरफ्तारी में देरी की गई।’’

अदालत ने कहा कि मुकेश को दरभंगा में पकड़ा गया और दिल्ली लाया गया। अदालत ने जांच अधिकारी (आईओ) से संबंधित पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) के माध्यम से यह बताने को कहा कि आरोपी को बिहार में औपचारिक रूप से गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया और उसे राष्ट्रीय राजधानी लाने से पहले ट्रांजिट रिमांड क्यों नहीं ली गई।

अदालत ने कहा, ‘‘प्रथम दृष्टया यह आचरण केवल जांच एजेंसी की सुविधा के अनुरूप कानून में हेरफेर करने जैसा है। माननीय दिल्ली उच्च न्यायालय ने अंतरराज्यीय गिरफ्तारी के मामलों में पालन किए जाने वाले व्यापक दिशानिर्देश निर्धारित किए हैं।’’

यह मामला 26 अप्रैल को हुए विवाद के बाद एक व्यक्ति की हत्या से संबंधित है। पुलिस के अनुसार, आरोपी व्यक्ति कथित तौर पर सबूतों को छिपाने और संबंधित अपराधों में शामिल थे।

मुकेश को एक दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया, जबकि अपराध में इस्तेमाल किए गए हथियार की बरामदगी के लिए उसकी पुलिस हिरासत की याचिका लंबित है।

अनिल की ओर से वकील प्रदीप खत्री पेश हुए। अनिल के मामले में अदालत ने कहा कि उसके खिलाफ लगाए गए अपराध जमानती हैं।

अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष ने हत्या में अनिल की कोई प्रत्यक्ष भूमिका का आरोप नहीं लगाया है। अदालत ने कहा कि मामले के रिकॉर्ड के अनुसार, वह घटनास्थल पर मौजूद नहीं था और उसने केवल घायलों को अस्पताल ले जाने के लिए कहा था।

अदालत ने कहा, ‘‘आरोपी अनिल की गिरफ्तारी प्रथम दृष्टया अवैध पाई गई है। उसकी आगे की हिरासत उचित नहीं है। आरोपी अनिल को इस मामले में रिहा किया जाए।’’

भाषा अमित दिलीप

दिलीप


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