न्यायालय ने छत्तीसगढ़ जिला खनिज कोष ‘घोटाले’ में संलिप्त व्यक्ति को जमानत दी
न्यायालय ने छत्तीसगढ़ जिला खनिज कोष ‘घोटाले’ में संलिप्त व्यक्ति को जमानत दी
नयी दिल्ली, 15 जुलाई (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने छत्तीसगढ़ में जिला खनिज कोष (डीएमएफ) में ‘अनियमितताओं’ से जुड़े भ्रष्टाचार मामले के कथित मुख्य आरोपी को बुधवार को जमानत दे दी।
डीएमएफ घोटाला धन के गबन और यह स्थानीय खनन-प्रभावित समुदायों के कल्याण के लिए बने कोष में भ्रष्टाचार और उसके दुरुपयोग से जुड़ा है।
प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने आरोपी सतपाल सिंह छाबड़ा की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता शोएब आलम की दलीलों पर संज्ञान लिया।
आलम ने पीठ के समक्ष दलील दी कि इस मामले में कई सह-आरोपियों को पहले ही जमानत मिल चुकी है, जिनमें भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के छत्तीसगढ़ कैडर के सेवानिवृत्त अधिकारी अनिल टुटेजा भी शामिल हैं।
पीठ ने कहा, ‘‘मुख्य आरोपी अनिल टुटेजा को 18 मई, 2026 को जमानत दे दी गई थी’’ और छाबड़ा को भी जमानत दे दी।
शीर्ष न्यायालय ने कहा कि आरोपी को सुनवाई अदालत की संतुष्टि के अनुसार जमानत देनी होगी, और अदालत अन्य शर्तें भी लगा सकती है।
घोटाले के कथित सूत्रधार छाबड़ा पर डीएमएफ के तहत ठेके देने के बदले पांच करोड़ रुपये की रिश्वत लेने का आरोप है।
इससे पहले, पीठ ने इस तथ्य पर संज्ञान लेते हुए टुटेजा को जमानत दे दी थी कि पूर्व नौकरशाह भ्रष्टाचार के कई मामलों में 24 जनवरी, 2024 से ही कारावास में थे।
टुटेजा को 23 फरवरी, 2026 को डीएमएफ मामले में गिरफ्तार किया गया था।
भाषा धीरज नरेश
नरेश

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