सुप्रीम कोर्ट ने इन पाठ्यक्रमों के प्रवेश में आरक्षण देने से किया इंकार, कही ये बड़ी बात

सुप्रीम कोर्ट ने इन पाठ्यक्रमों के प्रवेश में आरक्षण देने से किया इंकार, कही ये बड़ी बात

सुप्रीम कोर्ट ने इन पाठ्यक्रमों के प्रवेश में आरक्षण देने से किया इंकार, कही ये बड़ी बात
Modified Date: November 29, 2022 / 08:41 pm IST
Published Date: November 27, 2020 4:32 pm IST

नयी दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने वर्ष 2020-21 के सुपर स्पेशिएलिटी पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिये डाक्टरों को आरक्षण की अनुमति देने से शुक्रवार को इंकार कर दिया। शीर्ष अदालत ने अपने अंतरिम आदेश में कहा कि तमिलनाडु सरकार द्वारा 50 प्रतिशत सीटों के आरक्षण के बारे में जारी आदेश प्रतिभाशाली चिकित्सकों के हितों के लिये नुकसानदेह होगा क्योंकि सुपर स्पेशिएलिटी पाठ्यक्रमों के लिये तमिलनाडु में 50 प्रतिशत सीटें उनके लिये उपलब्ध नहीं होंगी।

Read More: स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया मेडिकल बुलेटिन, छत्तीसगढ़ में आज 12 संक्रमितों की मौत 1879 नए मरीजों की पुष्टि

शीर्ष अदालत ने इस कथन से सहमत होने से इंकार कर दिया कि सरकार के आदेश को प्रभावी करने से किसी पर भी प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा। शीर्ष अदालत ने केरल उच्च न्यायालय के सात अक्टूबर के निर्देशों और सुपर स्पेशिएलिटी पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिये अंतर-सेवा कोटा प्रभावी करने के तमिलनाडु सरकार के आदेश को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर यह अंतरिम आदेश दिया।

Read More: स्टोइनिस को चोट लगी, भारत के खिलाफ दूसरे वनडे में खेलना तय नहीं- रिपोर्ट

न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव, न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता और न्यायमूर्ति अजय रस्तोगी की पीठ ने निर्देश दिया शैक्षणिक वर्ष 2020-21 के लिये सुपर स्पेशिएलिटी मेडिकल पाठ्यकमों में प्रवेश के लिये काउन्सलिंग की प्रक्रिया बगैर किसी आरक्षण के ही सक्षम प्राधिकारी द्वारा निर्धारित तारीख पर जारी रहेगी। पीठ ने दोहराया कि यह निर्देश सिर्फ वर्तमान शैक्षणिक वर्ष 2020-21 के लिये ही प्रभावी होगा। पीठ ने कहा कि चूंकि प्रवेश प्रक्रिया अंतिम चरण में है, ऐसी स्थिति में हम इस साल अंतर-सेवा चिकित्सकों के लिये आरक्षण की अनुमति नहीं दे सकते।

Read More: कबीर शोध पीठ ने सीएम भूपेश को किया सम्मानित, राम वनगमन पथ और कौशल्या माता मंदिर के सौंदर्यीकरण के लिए जताया आभार

अतिरिक्त सालिसीटर जनरल संजय जैन ने दलील दी थी क सुपर स्पेशिएलिटी पाठ्यक्रम में कोई आरक्षण नहीं दिया जा सकता। केरल की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता जयदीप गुप्ता ने दलील दी कि शैक्षणिक वर्ष 2020-21 के लिये इस समय अंतर-सेवा आरक्षण लागू करना संभव नहीं होगा क्योंकि प्रवेश प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है।

Read More: रबी मौसम की उद्यानिकी फसलों का बीमा 15 दिसंबर तक, इन कृषकों को मिलेगा लाभ..


लेखक के बारे में

"दीपक दिल्लीवार, एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया इंडस्ट्री में करीब 10 साल का एक्सपीरिएंस है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक ऑनलाइन समाचार वेबसाइट से की थी, जहां उन्होंने राजनीति, खेल, ऑटो, मनोरंजन टेक और बिजनेस समेत कई सेक्शन में काम किया। इन्हें राजनीति, खेल, मनोरंजगन, टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल और बिजनेस से जुड़ी काफी न्यूज लिखना, पढ़ना काफी पसंद है। इन्होंने इन सभी सेक्शन को बड़े पैमाने पर कवर किया है और पाठकों लिए बेहद शानदार रिपोर्ट पेश की है। दीपक दिल्लीवार, पिछले 5 साल से IBC24 न्यूज पोर्टल पर लीडर के तौर पर काम कर रहे हैं। इन्हें अपनी डेडिकेशन और अलर्टनेस के लिए जाना जाता है। इसी की वजह से वो पाठकों के लिए विश्वसनीय जानकारी के सोर्स बने हुए हैं। वो, निष्पक्ष, एनालिसिस बेस्ड और मजेदार समीक्षा देते हैं, जिससे इनकी फॉलोवर की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। काम के इतर बात करें, तो दीपक दिल्लीवार को खाली वक्त में फिल्में, क्रिकेट खेलने और किताब पढ़ने में मजा आता है। वो हेल्दी वर्क लाइफ बैलेंस करने में यकीन रखते हैं।"