जम्मू, 17 जुलाई (भाषा) जम्मू की एक अदालत ने शुक्रवार को कमल सिंह जामवाल की जमानत अर्जी खारिज कर दी, जिस पर मार्च में जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फ़ारूक़ अब्दुल्ला की हत्या की कोशिश करने का आरोप है।
प्रधान सत्र न्यायाधीश आर.एन. वाटल ने 65 वर्षीय जामवाल की जमानत याचिका खारिज करते हुए आरोपों की गंभीरता, व्यापक जनहित और अपराध दोहराए जाने की संभावना का हवाला दिया।
ग्यारह मार्च को जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में रॉयल पार्क बैंक्वेट हॉल में एक शादी समारोह से निकलते समय अब्दुल्ला पर पीछे से कथित तौर पर गोली चलाई गई थी, लेकिन वह चमत्कारिक रूप से बच गए थे। अपराध में इस्तेमाल की गई रिवॉल्वर आरोपी के पास से बरामद कर ली गई थी।
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 14 मार्च को इस मामले की जांच के लिए पुलिस उपमहानिरीक्षक की देखरेख में एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया था।
न्यायाधीश ने 20 पन्नों के आदेश में कहा, ‘‘सार्वजनिक हस्ती या पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला पर हमले को सिर्फ़ एक व्यक्ति के विरूद्ध अपराध नहीं, बल्कि सार्वजनिक व्यवस्था और लोकतांत्रिक स्थिरता पर हमला माना जाता है। इसका समाज पर गहरा असर पड़ता है और इससे सार्वजनिक व्यवस्था व कानून के शासन के लिए खतरा पैदा होता है।’’
भाषा नेत्रपाल माधव
माधव