लखनऊ, 17 जुलाई (भाषा) समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी से ध्यान भटकाने के लिए हनुमानगढ़ी मंदिर की सीढ़ियों पर नमाज पढ़े जाने का ‘‘मिथ्या प्रचार’’ कर रही है।
अखिलेश की यह टिप्पणी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस हालिया आरोप के बाद आई है कि सपा ने अपने शासनकाल में हनुमानगढ़ी मंदिर की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाने का ‘‘पाप’’ किया था।
यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर हनुमानगढ़ी के महंत आनन्द दास का एक वीडियो साझा किया। खबरों के अनुसार, महंत ने एक समाचार पोर्टल से बातचीत में मुख्यमंत्री के दावे को खारिज किया था। वीडियो साझा करते हुए यादव ने आदित्यनाथ का नाम लिए बिना भाजपा पर तीखा हमला किया।
उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा की चोरी, लूट, छल-कपट, झूठ और फरेब की अधर्मी राजनीति अब प्रभु राम के मंदिर से आगे बढ़कर हनुमानगढ़ी तक पहुंच गई है। जो‘महामुख’ हनुमानगढ़ी को लेकर मिथ्या-प्रचार कर रहे हैं, वे अपने महापाप का प्रायश्चित करें और स्वीकार करें कि वे राम मंदिर की चोरी से ध्यान भटकाने के लिए ऐसा कर रहे हैं, अन्यथा वे हनुमानगढ़ी की सीढ़ियां घुटनों के बल चढ़कर, आस्था के इस अनादि तीर्थ से क्षमा याचना करें।”
यादव ने कहा, ‘‘संकीर्ण राजनीति करते-करते वे भूल जाते हैं कि झूठ बोलकर वे अपने धार्मिक पद का भी अपमान कर रहे हैं। यदि उन्हें झूठ ही बोलना है तो साधारण व्यक्ति की वेशभूषा धारण करके ऐसा करें।’’
उन्होंने कहा कि निजी स्वार्थ के लिए आस्था के प्रतीकों का इस्तेमाल कर भोले-भाले श्रद्धालुओं को ठगना ‘‘महा अधर्म’’ है।
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हनुमानगढ़ी की अपार आध्यात्मिक शक्ति सामान्य पापियों को दंड दे सकती है तो इन ‘‘महापापियों’’ का क्या हश्र होगा, यह कहने की जरूरत नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘‘प्रभु राम और हनुमान जी के प्रकोप से कोई अधर्मी नहीं बचेगा।’’
यादव ने कहा कि आज पूरा देश देख रहा है कि जहां-जहां भाजपा और उसके ‘‘अपंजीकृत संगी-साथियों’’ ने अपना कब्जा जमा रखा है, वहां ‘‘बेईमानी, चोरी, गबन और लूट’’ हो रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘अभी तो ये पहली परत खुली है, आगे-आगे देखिए खुलता है क्या।’’
एक अन्य पोस्ट में यादव ने ज्योतिर्मठ के स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का समर्थन किया, जिन्होंने मुख्यमंत्री की टिप्पणी पर सवाल उठाए थे।
यादव ने कहा, ‘‘हम पूज्य शंकराचार्य के बयान का शत-प्रतिशत समर्थन करते हैं। अधर्मी भाजपा नेताओं और उनके सहयोगियों ने पहले अयोध्या को लूटा और बर्बाद किया तथा अब झूठ फैलाकर उसे बदनाम कर रहे हैं। इससे अयोध्या के साधु-संत बेहद आहत और नाराज हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘अब हर श्रद्धालु को कहना चाहिए—भाजपा फिर कभी नहीं आनी चाहिए।’’
सपा प्रमुख ने साधु का संवाददाताओं से बातचीत का एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि हनुमानगढ़ी को लेकर ‘‘विवाद’’ राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी से ध्यान भटकाने के लिए खड़ा किया जा रहा है।
भाषा आनन्द सिम्मी
सिम्मी