अदालत ने आप विधायक से उनकी शैक्षणिक योग्यताओं पर सवाल उठाने वाली याचिका पर मांगा जवाब

अदालत ने आप विधायक से उनकी शैक्षणिक योग्यताओं पर सवाल उठाने वाली याचिका पर मांगा जवाब

अदालत ने आप विधायक से उनकी शैक्षणिक योग्यताओं पर सवाल उठाने वाली याचिका पर मांगा जवाब
Modified Date: November 29, 2022 / 08:32 pm IST
Published Date: September 29, 2020 10:35 am IST

नयी दिल्ली, 29 सितम्बर (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने आप विधायक प्रीति तोमर से उस याचिका पर मंगलवार को जवाब मांगा, जिसमें उनपर नामांकन पत्र में अपनी शैक्षणिक योग्यता के बारे में गलत जानकारी देने का आरोप लगाते हुए हुए त्रिनगर विधानसभा क्षेत्र से उनके निर्वाचन को चुनौती दी गई है।

मामले से जुड़े एक वकील ने यह जानकारी दी।

प्रीति, दिल्ली के पूर्व मंत्री जितेंद्र सिंह तोमर की पत्नी हैं, जिन्हें उच्च न्यायालय ने 2015 के विधानसभा चुनाव में नामांकन पत्र के साथ फर्जी डिग्री दाखिल करने का दोषी पाया था और आप विधायक के तौर पर उनका चुनाव रद्द कर दिया था।

याचिकाकर्ता के वकील अनिल सोनी ने बताया कि न्यायमूर्ति राजीव शकधर ने प्रीति और निर्वाचन अधिकारी (आरओ) को नोटिस जारी कर मामले की अगली सुनवाई की तारीख नौ दिसम्बर को अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया।

अदालत ने निर्वाचन अधिकारी को आप विधायक के नामांकन दस्तावेज को सुरक्षित रखने का भी निर्देश दिया, जिसमें उन्होंने अपनी शैक्षणिक योग्यता के संबंध में जानकारी दी है।

अदालत ने यह आदेश त्रिनगर निर्वाचन क्षेत्र के नवीन पाराशर की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि आप विधायक ने एमएससी और बीएड की डिग्री रखने के बारे में गलत जानकारी दी।

याचिकाकर्ता ने दावा किया कि आप विधायक स्नातक भी नहीं हैं।

याचिका में कहा गया है कि आप विधायक ने 1994 में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से बीएड पूरा करने का दावा किया है, जबकि उस साल यह पाठ्यक्रम वहां था ही नहीं।

भाषा निहारिका दिलीप

दिलीप


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