अदालत ने शबरिमला मंदिर में घी आपूर्ति संबंधी अनियमितताओं की जांच के लिए एसआईटी गठित की
अदालत ने शबरिमला मंदिर में घी आपूर्ति संबंधी अनियमितताओं की जांच के लिए एसआईटी गठित की
कोच्चि, पांच अगस्त (भाषा) केरल उच्च न्यायालय ने बुधवार को शबरिमला स्थित भगवान अयप्पा मंदिर में मिल्मा घी की खरीद और आपूर्ति से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच के लिए छह सदस्यीय विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया।
न्यायमूर्ति राजा विजयराघवन वी. और न्यायमूर्ति के. वी. जयकुमार की पीठ ने कहा कि सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (वीएसीबी) के अधिकारियों वाली एसआईटी का नेतृत्व इसके पुलिस अधीक्षक एम. जे. सोजन करेंगे।
सोजन वही अधिकारी हैं, जो भगवान अयप्पा मंदिर में बेचे गए ‘आदित्य शिष्टम घी’ की बिक्री से प्राप्त राशि के कथित आपराधिक दुरुपयोग की जांच कर रहे हैं।
अदालत ने टीम को ‘‘अत्यंत सावधानी और तत्परता’’ के साथ जांच करने का निर्देश दिया।
पीठ ने कहा, ‘‘जांच में मुख्य सतर्कता एवं सुरक्षा अधिकारी द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट में उजागर किए गए सभी मुद्दों के साथ-साथ इस अदालत के तीन अगस्त, 2026 के आदेश संबंधी सभी पहलुओं को शामिल किया जाएगा।’’
इसने तीन अगस्त के अपने आदेश में यह भी कहा था कि गठित जांच दल रिपोर्ट में सामने आई कथित अनियमितताओं की गहन, समन्वित और प्रभावी जांच करेगा।
पीठ ने जांच दल को यह भी निर्देश दिया था कि वह जांच से जुड़ी किसी भी जानकारी का खुलासा आम लोगों या मीडिया के समक्ष नहीं करे और एक महीने के भीतर अदालत के समक्ष जांच की प्रगति दर्शाने वाली रिपोर्ट दाखिल करे।
राज्य सरकार ने हाल ही में उस आरोप के बाद जांच के आदेश दिए थे, जिसमें कहा गया था कि 2025-26 के तीर्थयात्रा सत्र के दौरान सरकार संचालित डेयरी सहकारी संस्था मिल्मा द्वारा शबरिमला को आपूर्ति किया गया घी घटिया गुणवत्ता का था और आपूर्ति की गई मात्रा में भी अनियमितताएं थीं।
भाषा तान्या नेत्रपाल
नेत्रपाल

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