कोविड-19 : 80 प्रतिशत आईसीयू बेड आरक्षित रखने पर रोक के खिलाफ हाई कोर्ट जाए आप सरकार : न्यायालय

कोविड-19 : 80 प्रतिशत आईसीयू बेड आरक्षित रखने पर रोक के खिलाफ हाई कोर्ट जाए आप सरकार : न्यायालय

कोविड-19 : 80 प्रतिशत आईसीयू बेड आरक्षित रखने पर रोक के खिलाफ हाई कोर्ट जाए आप सरकार : न्यायालय
Modified Date: November 29, 2022 / 08:16 pm IST
Published Date: November 10, 2020 6:19 am IST

नयी दिल्ली, 10 नवम्बर (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को आप सरकार से कहा कि वह 33 निजी अस्पतालों में कोविड-19 मरीजों के लिए 80 प्रतिशत आईसीयू बेड (बिस्तर) आरक्षित करने के फैसले पर लगी रोक के खिलाफ अपनी याचिका लेकर दिल्ली उच्च न्यायालय जाए।

न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति बी. आर. गवई की अवकाश पीठ ने राष्ट्रीय राजधानी में कोविड-19 के अचानक तेजी से बढ़ते मामलों के मद्देनजर दिल्ली सरकार की याचिका का संज्ञान लेते हुए कहा कि उच्च न्यायालय में इस याचिका पर 27 नवम्बर की बजाय बृहस्पतिवार को सुनवाई की जाए।

उच्च न्यायालय की एकल पीठ ने 22 सितम्बर को दिल्ली सरकार के 12 सितम्बर के आदेश पर रोक लगा दी थी। दिल्ली सरकार ने राजधानी के 33 बड़े निजी अस्पतालों में आईसीयू के 80 प्रतिशत बेड कोविड-19 के मरीजों के लिये आरक्षित रखने का आदेश दिया था।

एकल पीठ ने कहा था कि निजी अस्पतालों को आईसीयू के 80 प्रतिशत बेड कोविड-19 के मरीजों के लिये आरक्षित रखने का आदेश अन्य बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन होगा।

सरकार ने एकल पीठ के आदेश को उच्च न्यायालय की खंडपीठ में चुनौती दे रखी है जहां यह मामला 27 नवंबर के लिये सूचीबद्ध था।

भाषा

निहारिका नरेश

नरेश


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