नयी दिल्ली, 17 जुलाई (भाषा) माकपा ने शुक्रवार को कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के बिगड़ते स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई, जो दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं।
पार्टी ने भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह प्रदर्शन कर रहे छात्रों और नेताओं से बातचीत न करके ‘‘संवेदनहीनता’’ दिखा रही है।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के पोलित ब्यूरो ने एक बयान में आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने से केंद्र का इनकार उसके ‘‘संवेदनहीन और तानाशाही वाले रवैये’’ को दर्शाता है।
बयान में कहा गया, ‘‘प्रदर्शन कर रहे नेताओं और छात्रों से बातचीत करने से केंद्र सरकार का इनकार उसकी असंवेदनशीलता और तानाशाही वाले रवैये को दिखाता है। बिना किसी गड़बड़ी या पेपर लीक के परीक्षा कराने में केंद्र सरकार की नाकामी की जड़ें राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 में हैं।’’
इसमें कहा गया, ‘‘एनईपी के तहत शिक्षा व्यवस्था के केंद्रीकरण और व्यावसायीकरण को बढ़ावा देने से कोचिंग उद्योग तेज़ी से बढ़ रहे हैं। सांप्रदायिकता के अलावा, यही पेपर लीक और हर तरह की गड़बड़ियों की मुख्य वजह है।’’
भाषा
नेत्रपाल माधव
माधव