माकपा ने केरल में उम्मीदवारों की सूची को अंतिम रूप देने में देरी को लेकर उड़ाया कांग्रेस का मजाक

माकपा ने केरल में उम्मीदवारों की सूची को अंतिम रूप देने में देरी को लेकर उड़ाया कांग्रेस का मजाक

माकपा ने केरल में उम्मीदवारों की सूची को अंतिम रूप देने में देरी को लेकर उड़ाया कांग्रेस का मजाक
Modified Date: March 16, 2026 / 07:06 pm IST
Published Date: March 16, 2026 7:06 pm IST

तिरुवनंतपुरम, 16 मार्च (भाषा) निर्वाचन आयोग द्वारा विधानसभा चुनाव कार्यक्रम घोषित किये जाने के चंद मिनट बाद ही अपने अधिकतर प्रत्याशियों का ऐलान कर चुके केरल के सत्तारूढ़ दल मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने सोमवार को उम्मीदवारों को अंतिम रूप देने में लगातार हो रही देरी को लेकर विपक्षी कांग्रेस का मजाक उड़ाया।

माकपा के प्रदेश सचिव एम वी गोविंदन ने मीडिया से कहा कि वामपंथी उम्मीदवारों द्वारा अपना चुनाव प्रचार शुरू कर दिए जाने के बावजूद, सबसे पुरानी पार्टी (कांग्रेस) अब भी प्रत्याशियों को अंतिम रूप देने और अपनी सूची की घोषणा करने की जद्दोजेहद कर रही है।

गोविंदन ने आरोप लगाया, ‘‘उम्मीदवारों को अंतिम रूप देने को लेकर उनके बीच अब भी उठापठक चल रही है। वे अब भी अपने उम्मीदवारों को अंतिम रुप देने का जद्दोजेहद कर रहे हैं। अगर वे कोई फैसला कर भी लेते हैं, तो उसे लागू करने में उन्हें कुछ समय लगेगा।’’

उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के. सुधाकरन की विधानसभा चुनाव लड़ने की जिद का भी मज़ाक उड़ाया और कहा कि पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सीट पाने के लिए गिड़गिड़ा रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘कांग्रेस पार्टी में कई अन्य नेता भी इसी तरह की स्थिति का सामना कर रहे हैं। वे मुख्यमंत्री पद के लिए भी संघर्ष कर रहे हैं।’’

उन्होंने यह भी दावा किया कि वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) लगातार तीसरी बार सत्ता में आएगा और राज्य की राजनीति में एक नया इतिहास रचेगा।

हालांकि, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के. मुरलीधरन ने इस आलोचना को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि पार्टी के भीतर भ्रम और मतभेदों जैसी कोई खास स्थिति नहीं है जैसा कि मीडिया में दिखाया गया है।

उन्होंने कहा, “कांग्रेस और संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) में कोई भ्रम नहीं है। हमारे उम्मीदवारों की सूची जल्द ही जारी की जाएगी। हमें उम्मीद थी कि मतदान 21 अप्रैल को होगा। इसी वजह से सूची को अंतिम रूप देने में कुछ देरी हुई। सहयोगी दलों के साथ बातचीत पूरी हो चुकी है।”

उन्होंने कहा कि यूडीएफ के उम्मीदवार मंगलवार तक अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में पूरी तरह से सक्रिय हो जाएंगे।

उन्होंने सत्तारूढ़ एलडीएफ के इस दावे को भी खारिज कर दिया कि उम्मीदवारों की घोषणा पहले ही कर देने के कारण उन्हें चुनाव में बढ़त मिलेगी।

मुरलीधरन ने याद दिलाया कि पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान एलडीएफ ने उम्मीदवारों की घोषणा पहले की थी, लेकिन तब कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ ने उल्लेखनीय जीत हासिल की थी।

भाषा

राजकुमार सुरेश

सुरेश


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