हरियाणा में बच्चों के खिलाफ अपराध दर देश में सर्वाधिक होना चिंताजनक : कुमारी सैलजा

हरियाणा में बच्चों के खिलाफ अपराध दर देश में सर्वाधिक होना चिंताजनक : कुमारी सैलजा

हरियाणा में बच्चों के खिलाफ अपराध दर देश में सर्वाधिक होना चिंताजनक : कुमारी सैलजा
Modified Date: May 9, 2026 / 08:18 pm IST
Published Date: May 9, 2026 8:18 pm IST

चंडीगढ़, नौ मई (भाषा) कांग्रेस महासचिव और सिरसा से सांसद कुमारी सैलजा ने शनिवार को राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की नवीनतम रिपोर्ट पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि हरियाणा में बच्चों के खिलाफ अपराध की दर राज्यों में सबसे अधिक है।

एनसीआरबी द्वारा जारी ‘भारत में अपराध 2024’ रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में 2022 में बच्चों के खिलाफ अपराध की 6,138 घटनाएं, 2023 में 6,401 और 2024 में 7,547 घटनाएं दर्ज की गईं।

वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार, प्रति लाख बच्चों की वास्तविक जनसंख्या के आधार पर, हरियाणा में बच्चों के खिलाफ अपराध की कुल दर 2024 में 82.8 थी।

स्थिति को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक बताते हुए सैलजा ने एक बयान में कहा कि एनसीआरबी के अनुसार, 2024 में हरियाणा में बच्चों के खिलाफ अपराध के 7,547 मामले दर्ज किए गए, जो 2023 में दर्ज किए गए 6,401 मामलों से लगभग 18 प्रतिशत अधिक हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘इनमें अपहरण, यौन शोषण, हिंसा और हत्या जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं।’’

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि ये आंकड़े न केवल कानून व्यवस्था की विफलता को दर्शाते हैं बल्कि बढ़ती सामाजिक असंवेदनशीलता को भी उजागर करते हैं।

सैलजा ने कहा कि दहेज हत्या, घरेलू हिंसा और उत्पीड़न सहित महिलाओं के खिलाफ अपराध पहले से ही चिंता का विषय थे, और बच्चों के खिलाफ अपराधों में वृद्धि ने राज्य सरकार की नीतियों तथा प्रशासनिक कामकाज पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा किसी भी सभ्य समाज की सर्वोपरि जिम्मेदारी है।

सैलजा ने कहा, ‘‘अगर बेटियां और बच्चे सुरक्षित नहीं हैं, तो विकास एवं प्रगति के दावे अर्थहीन हो जाते हैं।’’

उन्होंने कहा कि 2024 में हरियाणा में बच्चों की हत्या के 54 मामले दर्ज किए गए, जिनमें बलात्कार और हत्या के छह मामले शामिल हैं।

सैलजा ने केंद्र और राज्य सरकारों से यह भी मांग की कि वे बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा से संबंधित मामलों में त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए विशेष अदालतों और निगरानी तंत्रों को मजबूत करें, ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके और अपराधियों में कानून का भय रहे।

भाषा नेत्रपाल माधव

माधव


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