सीडब्ल्यूसी की बैठक बुधवार को, छात्रों और राम मंदिर मामले पर सरकार को घेरने की रणनीति तय होगी
सीडब्ल्यूसी की बैठक बुधवार को, छात्रों और राम मंदिर मामले पर सरकार को घेरने की रणनीति तय होगी
नयी दिल्ली, 18 अगस्त (भाषा) कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक बुधवार को यहां होगी, जिसमें देश के मौजूदा राजनीतिक हालात के साथ-साथ छात्रों के मुद्दे और राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के आरोप को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है।
पार्टी सूत्रों ने बताया कि सीडब्ल्यूसी की बैठक बुधवार को अपराह्न तीन बजे इंदिरा भवन में होगी। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे बैठक की अध्यक्षता करेंगे। पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी तथा महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा, जयराम रमेश और केसी वेणुगोपाल सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता इसमें शामिल होंगे।
सूत्रों के मुताबिक, छात्रों के मुद्दों और राम मंदिर के चढ़ावे में ‘‘चोरी’’ के आरोप को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को घेरने के लिए कांग्रेस की रणनीति बैठक के एजेंडे में शामिल होगी।
इसके अलावा, अगले साल की शुरुआत में विभिन्न राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारियों की भी समीक्षा की जाएगी। पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने की संभावना है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विपक्षी दलों से लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के वास्ते आरक्षण लागू करने के लिए परिसीमन से जुड़े विधेयक का समर्थन करने की अपील पर भी बैठक में चर्चा होने की संभावना है। माना जा रहा है कि सरकार निकट भविष्य में इससे संबंधित संविधान संशोधन विधेयक फिर ला सकती है।
परिसीमन से जुड़े विधेयक के जरिये महिला आरक्षण लागू करने के संबंध में सरकार द्वारा विधेयक लाए जाने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने पिछले सप्ताह कहा था, ‘‘हम सभी दलों के संपर्क में हैं। मुझे यकीन है कि 19 अगस्त को कार्य समिति की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा होगी।’’
उन्होंने कहा था, ‘‘हम ढील नहीं दे सकते, क्योंकि वे (सरकार) हर तरह की चाल चलने की कोशिश करेंगे। लेकिन उनके पास संख्या नहीं है और अभी उनके पास जितनी संख्या होने का दावा है और जितनी संख्या उन्हें चाहिए, उसके बीच का अंतर छोटा नहीं है। यह दोहरे अंकों में एक बड़ा अंतर है।’’
इस साल अप्रैल में हुई कार्य समिति की पिछली बैठक के बाद कांग्रेस ने मोदी सरकार पर महिला आरक्षण कानून के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाया था। पार्टी ने यह भी कहा था कि इससे जुड़ी प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया ‘‘संवैधानिक नहीं है’’ और इसके ‘‘गंभीर परिणाम’’ हो सकते हैं।
भाषा हक हक दिलीप
दिलीप

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