रक्षा मंत्रालय ने छठी स्वदेशीकरण सूची जारी की, सामरिक रूप से महत्वपूर्ण 405 सैन्य साजोसामान शामिल

रक्षा मंत्रालय ने छठी स्वदेशीकरण सूची जारी की, सामरिक रूप से महत्वपूर्ण 405 सैन्य साजोसामान शामिल

रक्षा मंत्रालय ने छठी स्वदेशीकरण सूची जारी की, सामरिक रूप से महत्वपूर्ण 405 सैन्य साजोसामान शामिल
Modified Date: August 18, 2026 / 05:44 pm IST
Published Date: August 18, 2026 5:44 pm IST

नयी दिल्ली, 18 अगस्त (भाषा) रक्षा मंत्रालय ने छठी स्वदेशीकरण सूची जारी की है और इसमें सामरिक रूप से महत्वपूर्ण 405 सैन्य साजोसामान शामिल हैं, जिनका अनुमानित व्यापार मूल्य 3,070 करोड़ रुपये है।

इसका उद्देश्य आयात पर निर्भरता घटाना और ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल को बढ़ावा देना है।

रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि सूची में भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) के 16 और सार्वजनिक क्षेत्र के रक्षा उपक्रमों (डीपीएसयू) के 389 सैन्य साजोसामान शामिल हैं।

बयान के अनुसार, ये साजोसामान रक्षा प्लेटफार्म और प्रणालियों की एक विस्तृत श्रृंखला के दायरे में आते हैं। इनमें ‘‘उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर, हल्के यूटिलिटी हेलीकॉप्टर, सुखोई-30एमकेआई, हल्के लड़ाकू विमान और एएल-31एफपी इंजन जैसे एयर प्लेटफॉर्म शामिल हैं।

इनमें टी-72, टी-90 और बीएमपी-2 सहित बख्तरबंद प्लेटफॉर्म युद्धपोत, कोंकर्स-एम, इन्वार और एमआरएसएएम जैसी मिसाइल प्रणालियां रडार, सोनार, अग्नि नियंत्रण प्रणाली और उपग्रह संचार प्रणाली सहित रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स, उच्च विस्फोटक टैंक-रोधी गोला-बारूद और अन्य महत्वपूर्ण रक्षा उपकरण भी शामिल हैं।

बयान के अनुसार, रक्षा मंत्रालय के तहत रक्षा उत्पादन विभाग ने छठी स्वदेशीकरण सूची जारी की है। इसमें सामरिक रूप से महत्वपूर्ण 405 सैन्य साजोसामान शामिल हैं, जिनका अनुमानित कारोबार मूल्य 3,070 करोड़ रुपये है।

इन साजोसामान की विस्तृत सूची सृजन पोर्टल पर भी उपलब्ध है।

प्रत्येक साजोसामान के स्वदेशीकरण के लिए एक सांकेतिक समयसीमा दी गई है। स्वदेशीकरण सफल होने पर, इन वस्तुओं की खरीद भारतीय रक्षा उद्योग से की जाएगी।

सार्वजनिक क्षेत्र के रक्षा उपक्रमों और आईसीजी उद्योग विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम की भागीदारी के साथ, अपनी ‘निर्माण’ प्रक्रिया और आंतरिक विकास सहित विभिन्न माध्यमों से स्वदेशीकरण का कार्य करेंगे।

बयान के अनुसार, यह छठी स्वदेशीकरण सूची आत्मनिर्भर भारत पहल के तहत रक्षा विनिर्माण में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के सरकारी प्रयासों में एक और कदम है। इससे भारतीय उद्योग के लिए अवसरों का विस्तार होने, घरेलू रक्षा विनिर्माण प्रणाली को मजबूत करने, निवेश और नवाचार को बढ़ावा देने तथा आयात पर निर्भरता कम करने में योगदान मिलने की उम्मीद है।

अपनी शुरूआत के बाद से ही इस पोर्टल ने जून 2026 तक रक्षा उपक्रमों और स्वदेशी मुख्यालय द्वारा स्वदेशीकरण के लिए 33,000 से अधिक रक्षा सामग्री उपलब्ध कराने में सुविधा प्रदान की है। इनमें पहली पांच सकारात्मक स्वदेशीकरण सूचियों के तहत अधिसूचित 5,012 साजोसामान शामिल हैं।

पिछले पांच वर्षों में 15,700 से अधिक रक्षा साजोसामान का स्वदेशीकरण सफलतापूर्वक किया गया है, जिसके परिणामस्वरूप लगभग 9,000 करोड़ रुपये के आयात प्रतिस्थापन का अनुमान है।

भाषा सुभाष माधव

माधव


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