गुरुग्राम, 29 सितंबर (भाषा) साइबर ठगों ने धनशोधन के मामले में फंसाने की धमकी देकर एक व्यक्ति को कथित तौर पर ‘‘डिजिटल अरेस्ट’’ कर लिया और उससे 18.45 लाख रुपये की धोखाधड़ी की। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताया और पीड़ित को धनशोधन के मामले में आरोपी बताकर जांच के नाम पर विभिन्न बैंक खातों में रुपये भेजने के लिए मजबूर किया।
शिकायत मिलने के बाद दक्षिण साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई।
सेक्टर 72ए स्थित एनकेवी रेजीडेंसी निवासी भगत राम ने शिकायत में बताया कि उन्हें एक व्यक्ति का फोन आया, जिसने खुद को पुलिस अधिकारी बताया। फोन करने वाले ने आरोप लगाया कि उनके मोबाइल नंबर और आधार कार्ड का इस्तेमाल धनशोधन में किया गया है और उनके खिलाफ मामला दर्ज होने की बात कहकर कानूनी कार्रवाई की धमकी दी।
इसके बाद आरोपियों ने उन्हें ‘‘डिजिटल अरेस्ट’’ में रखा और जांच की प्रक्रिया के तहत रुपये भेजने को कहा।
शिकायत के अनुसार कानूनी कार्रवाई के डर से राम ने आरोपियों द्वारा बताए गए बैंक खातों में 18.45 लाख रुपये भेज दिए।
पैसे मिलने के बाद भी आरोपियों ने उनसे और रकम की मांग जारी रखी, जिसके बाद राम ने पुलिस से संपर्क किया।
एसीपी (साइबर) गौरव फोगाट ने कहा, ‘‘शिकायत के आधार पर दक्षिण साइबर थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। लेनदेन में इस्तेमाल बैंक खातों और फोन नंबरों की जानकारी जुटाकर आरोपियों का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं।’’
भाषा
राखी अविनाश
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